40 साल तक नहीं मिला मुआवजा अब दोबारा सड़क बनाने की तैयारी

40 साल पूर्व किसानों की भूमि अधिग्रहित कर सड़क बनाई गई थी, मगर विभाग द्वारा किसानों का मुआवजा नहीं दिया गया

Update: 2017-06-28 17:52 GMT

पामगढ़-ससहा मार्ग में अधिग्रहित किसानों की जमीन पर बनी सड़क का चौड़ीकरण 
जांजगीर। 40 साल पूर्व किसानों की भूमि अधिग्रहित कर सड़क बनाई गई थी, मगर विभाग द्वारा किसानों का मुआवजा नहीं दिया गया था। अब उसी सड़क को चौड़ा करने का काम शुरू होने से   किसानों ने एकबार फिर मुआवजे की मांग करनी शुरू कर दी है। 

यह मामला पामगढ़-ससहा मार्ग का है, जिसमें सन 1976 में शासन द्वारा सड़क निर्माण के लिए मार्ग में पड़ने वाले ग्राम डोंगाकोहरौद, भिलौनी, ससहा आदि गांव की किसानों के निजी भूमि को अधिग्रहित कर लोक निर्माण विभाग के माध्यम से पामगढ़-ससहा सड़क का निर्माण किया गया था, जिसकी लंबाई पामगढ़ से ससहा तक 14 किमी है।

इस मार्ग में पामगढ़ से ससहा की ओर पड़ने वाले पहले गांव डोंगाकोहरौद की किसानों के भूमि को सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित किया गया था, जिसके बदले में शासन द्वारा मुआवजा देने की बात भी तत्कालीन समय में की गई थी, किन्तु सड़क निर्माण के लिए लिये गये भूमि का मुआवजा शासन द्वारा नहीं प्रदान किया गया और किसान मुआवजा की आस देखते ही रह गये।

उधर लोक निर्माण विभाग ने उस समय के दौर में पामगढ़ से ससहा तक  डब्ल्यूबीएम सड़क का निर्माण पूरा कर लिया। इस बीच में किसानों द्वारा मुआवजे की मांग की जाती रही, किन्तु उनकी मांग शासन-प्रशासन के सामने धरी की धरी रह गई और धीरे-धीरे मुआवजा से वंचित किसानों ने मुआवजे की मांग करना भी छोड़ दिया था।

यह बात 40 वर्षों तक दबी रही अब उसी मार्ग का दोबारा चौड़ीकरण होने की सुगबुगाहट से मार्ग में पड़ने वाले किसानों की ब्याकुलता फिर बढ़ गई है, क्योंकि पूर्व में बनाये गये सड़क को चौड़ा कर 9 मीटर की सड़क बनाया जाना प्रस्तावित है। निर्माण को लेकर संबंधित निर्माण एजेंसी पामगढ़ से ससहा तक सक्रिय हो गया है और मार्ग को चौड़ीकरण करने के लिए किसानों की निजी भूमि से मिट्टी डालकर चौड़ा करने का काम किया जा रहा है।

इधर पूर्व में अधिग्रहित भूमि से अधिक जमीन  लिये जाने की खबर से किसानो की मुआवजे का मांग दोबारा जाग उठा है और इस विषय को लेकर ग्राम डोंगाकोहरौद के मालिकाना हक रखने वाले किसानों ने अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पामगढ़ व कलेक्टर जांजगीर-चांपा को ज्ञापन देकर मुआवजा एवं उचित न्याय दिलाने की मांग रखा है। इस आशय की मांग करने वालों मेंं पुरूषोत्तम लाल, दयाराम पटवा, बद्रीनाथ पटेल, कनकराम श्रीवास, रविशंकर पाण्डेय, नीलकंठ दुबे सहित दर्जनों भर किसान शामिल है। 
 

क्या कहते हैं अधिकारी 
इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पामगढ़ अजय कुमार लकड़ा ने कहा कि उनके पास मामले से संबंधित कुछ आवेदन किसानों से प्राप्त हुये है, जिसे संबंधित सड़क निगम को कार्रवाई के लिए भेज दिया गया है, जिसकी सर्वे रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुआ है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस विषय में आगे की कार्रवाई किसानों को न्याय दिलाने के लिए किया जावेगा, वहीं पटवारियों को भी उक्त कार्य के लिए लगाया गया है।

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