हाईटेंशन टॉवर गिरने से 3 मजदूर घायल

जांजगीर ! परसदा मे निर्माणाधीन हाईटेंशन टावर गिरने से कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए है, वही टावर के नीचे रखे मोटर सायकल और ट्रेक्टर भी चकना चुर हो घटना की सूचना मिलने पर;

Update: 2017-01-24 03:33 GMT

एक की हालत गंभीर अपोलो अस्पताल रिफर
जांजगीर !   परसदा मे निर्माणाधीन हाईटेंशन टावर  गिरने से कई मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए है, वही टावर के नीचे रखे मोटर सायकल और ट्रेक्टर भी चकना चुर हो घटना की सूचना मिलने पर बलौदा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर घायल मजदूरो के विषय मे जानकारी ली। मौके मे काम कर रहे घटना से आक्रोशित मजदूरो ने सुपरवाईजर को घटना के लिए जिम्मेदार बताते हुए जम कर मारपीट की है।
 घटना तीनों घायलो में एक की स्थिति नाजुक बताते हुए उसे अपोलो अस्पताल बिलासपुर किया गया है वही 2 अन्य मजदूरो का उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। जिले के बलौदा थाना क्षेत्र मे स्थित ग्राम परसदा मे आज सुबह टावर लाईन मे काम कर रहे मजदूरो के उपर विशालकाय टावर गिर गया। इस घटना से कई मजदूरो को चोट आई है, जिन्हे ठेकेदार द्वारा जिला अस्पताल में गुपचुप तरीके से उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। घायलों में एक मजदूर की नाजुक स्थिति को देखते हुए अपोलो अस्पताल बिलासपुर रिफर किया गया है। वही 2 अन्य मजदूरो का उपचार किया जा रहा है। ग्रामीणो के मुताबिक घटना में कई मजदूर घायल हुए है लेकिन ठेकेदार द्वारा उसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है। घटना की सूचना पर बलौदा पुलिस मौके का निरीक्षण करने पहुंची और स्थानीय लोगो के बयान लिया जहां सभी मजदूर पश्चिम बंगाल के रहने वाले बताये गये।  
मजदूरो ने की मुआवजा की मांग
टावर कंपनी मे काम करने वाले मजदूर के मुताबिक सुबह टावर में केबल लगाने की प्रक्रिया जारी था और तीन मजदूर टावर के उपर चढ़ कर मोटे वायरो को खींचने मे मदद कर रहे थे। लेकिन एकाएक पूरा टावर धरासायी हो गया जिसमें 3 मजदूर घायल हुए है। मजदूरो के मुताबिक पश्चिम बंगाल से 80 मजदूर काम करने आए हुए है जो अपना घर परिवार छोड़ कर मजदूरी करते है ऐसे में दुर्घटना के शिकार हुए मजदूरो को मुआवजा की मांग की जा रही है।  
किसानों को नहीं मिला है जमीन का मुआवजा
ग्रामीणो के मुताबिक सुबह 11 बजे करीब कुछ गिरने की आवाज आयी और खेत में काम कर रहे मजदूरो मे हडकंप मच गया। घटना की सूचना मिलने पर जाकर देखने से किसी बडी लापरवाही के कारण इस दुर्घटना को होना बताया। ग्रामीणों ने टावर लगाने वालो पर आरोप लगाया है कि किसान की स्वीकृति के बिना ही टावर निर्माण किया जा रहा था और अभी भी जमीन का मुवाजा देने के आनाकानी की जा रही।

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