20 किमी चलकर बच्चों ने दी परीक्षा
तखतपुर ! कक्षा 10वीं की हिंदी विशिष्ट एवं अंग्रेजी विशिष्ट की पर्चे के साथ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की परीक्षा प्रंारभ हो गई।;
माशिमं ने केंद्र की नहीं की छानबीन
तखतपुर ! कक्षा 10वीं की हिंदी विशिष्ट एवं अंग्रेजी विशिष्ट की पर्चे के साथ माध्यमिक शिक्षा मण्डल की परीक्षा प्रंारभ हो गई। मांशिम की लापरवाही के चलते 20 किलो मीटर दूर चलकर बच्चों को परीक्षा देने जाना पड़ रहा है केंद्र निर्धारण के पहले यदि मण्डल छानबीन कर लेता तो शायद बच्चें आसपास में ही परीक्षा दे सकते थे।
शासन ने पिछले वर्ष से शैक्षिणिक सत्र में बदलाव किया है जिसके अनुसार सत्र 1 अपै्रल से प्रांरभ हो रही है और 31 मार्च को सत्र समाप्त हो जाता है इसी को दृष्टिगत रखते हुए परीक्षा समय सारणीय में भी बदलाव किया गया जिसमें इस वर्ष परीक्षा लगभग 20 दिन पहले प्रांरभ हो गई है जिसमें हाई स्कूल की परीक्षा 10 फरवरी से और हायर सेकेण्डरी की परीक्षा 14 फरवरी से प्रांरभ हो रही है। पहले दिन परीक्षा केंद्रों में स्कूल के बदले जाने से परीक्षार्थी थोड़ा सहमे सहमे नजर आए वहीं केंद्रों में किसी तरह की व्यवधान उत्पन्न न हो इसके लिए पुलिस बल की ड्यूटी लगाई गई थी। वहीं उडऩदस्ता दल ने भी पहले दिन से ही केंद्रों का निरीक्षण किया लेकिन एक भी नकलची हाथ नही लगे। आज नगर के दो विद्यालय में हुई परीक्षा में कन्या हाई स्कूल में 334 परीक्षार्थीयों में 13 तथा बालक हाई स्कूल के 526 परीक्षार्थी में 13 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। वहीं परीक्षा शांतिपूर्ण पहले दिवस सम्पन्न हो गई।
थके हारे बच्चे पहुंचे केंद्र
माध्यमिक शिक्षा मण्डल की परीक्षा में केंद्र निर्धारिण में किस तरह मण्डल छानबिन करता है है यह निर्धारिण के लिए क्या मापदण्ड है यह तो मण्डल ही बता सकता है। परंतु विकासखण्ड अंतर्गत हाई स्कूल पाली के बच्चों का परीक्षा केंद्र कन्या हाई स्कूल तखतपुर बनाया गया है जो लगभग 20 किलो मीटर से भी ज्यादा है। यदि मण्डल पहले छानबिन कर लेता तो बच्चों को शायद जूनापारा, बेलपान या लिम्हा में परीक्षा में शामिल किया जा सकता था। 20 किलो मीटर साईकिल चलाकर बच्चें परीक्षा देने पहुंच रहे है ऐसे में वे कितना मेहनत कर सकेंगे परंतु बच्चें अपने भविष्य की चिंता को लेकर परीक्षा देने पहुंच रहे हंै। परीक्षा दे रहे बच्चों के चेहरे पर परेशानी स्पष्ट झलक रही थी। वहीं बालक हाई स्कूल में यहंा से 15 किलो मीटर दूर खजुरी नवागांव के बच्चों को परीक्षा केंद्र दिया गया है।
दी गई गलत जानकारी
केंद्र निर्धारण के संबंध में स्कूलों के द्वारा ही शायद लगत जानकारी दी गई है फिर भी स्कूलों को प्रवेश पत्र 12 जनवरी को जारी किया गया था यदि कोई असुविधा थी तो संस्था के द्वारा उसी समय आपत्ति किया गया होता तो शायद सुधार संभव था।
बी के चौधरी, संभागीय अधिकारी माध्यमिक शिक्षा मण्डल।