सीपीएचआई और पीमेक इंडिया का 15वां संस्करण एक्सपोमार्ट में हुआ शुरू
इन्फार्मा मार्केट्स इन इंडिया ने सीपीएचआई और पीमेक इंडिया 2022, कोविड-पश्चात युग में फार्मास्युटिकल निर्माण के एक नए रूप तथा आकार को प्रदर्शित करने पर केंद्रित है;
ग्रेटर नोएडा। इन्फार्मा मार्केट्स इन इंडिया ने सीपीएचआई और पीमेक इंडिया 2022, कोविड-पश्चात युग में फार्मास्युटिकल निर्माण के एक नए रूप तथा आकार को प्रदर्शित करने पर केंद्रित है। इंडिया एक्सपो सेंटर सीपीएचआई और पीमेक इंडिया के 15वें संस्करण का आयोजन किया गया है। उद्घाटन समारोह में रवि उदय भास्कर, डायरेक्टर जनरल, फार्मेक्सिल, डॉ. वीरमणि एस.वी, वाइस-चेयरमैन, फार्मेक्सिल, एवीपीएस चक्रवर्ती, एंबेसडर-वर्ल्ड पैकेजिंग ऑर्गनाइजेशन और बोर्ड मेंबर फार्मेक्सिल, साहिल मुंजाल जैसे प्रमुख गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
फार्मेक्सिल के अध्यक्ष, बोध राज सीकरी, अध्यक्ष, फार्मास्युटिकल एंटरप्रेन्योर्स फेडरेशन, मार्गरेट मा, प्रेसिडेंट और सीईओ इन्फोर्मा मार्केट्स एशिया, क्रिस ईव, वाइस प्रेसिडेंट, इन्फोर्मा मार्केट्स एशिया, योगेश मुद्रास, प्रबंध निदेशक, इन्फोर्मा मार्केट्स इन इंडिया, राहुल देशपांडे, वरिष्ठ समूह निदेशक, इन्फोर्मा मार्केट्स इन इंडिया और रंजीथ पॉल, समूह निदेशक, इन्फोर्मा मार्केट्स इन इंडिया आदि प्रमुख गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति थी।
इस अवसर पर योगेश मुद्रास, प्रबंध निदेशक, इंफोर्मा मार्केट्स इन इंडिया ने कहा भारत का फार्मास्युटिकल क्षेत्र 50 अरब अमेरिकी डॉलर का उद्योग है और एक दशक से भी कम समय में कम से कम 150 अरब अमेरिकी डॉलर तक बढ़ने का अनुमान है। सरकार इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नई रणनीतियां भी विकसित कर रही है और इनोवेशन हब बनाने के लिए भारत को डिजिटल स्वास्थ्य में इनोवेशन के लिए एक आदर्श परीक्षण आधार बना रही है।
डॉ. वीरामणि एस.वी, वाइस-चेयरमैन, फार्मेक्सिल ने कहा कि नवाचार के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने की दिशा में सरकार की ओर से जोर दिया जा रहा है ताकि भारत दवाओं और चिकित्सा प्रौद्योगिकी की खोज में अग्रणी बन सके। वर्तमान में, वैश्विक दवा उद्योग 1.2 ट्रिलियन अमरीकी डालर का है और भारतीय दवा उद्योग 50 बिलियन अमरीकी डालर का है।
करीब 25.6 अरब डॉलर का घरेलू बाजार है और 24.6 अरब डॉलर का निर्यात बाजार है। हमें उम्मीद है कि यह 2030 तक 130 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा और इसका 60 प्रतिशत निर्यात बाजार होगा। अंतरराष्ट्रीय जेनेरिक बाजार अगले पांच वर्षों के लिए 6 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ने का अनुमान है, जबकि भारतीय जेनेरिक निर्यात बाजार वैश्विक जेनेरिक बाजार की तुलना में लगभग 2.5 गुना वृद्धि दर्ज कर रहा है।
इस अर्थ में, भारतीय फार्मा उद्योग की वृद्धि को अगले पांच वर्षों के लिए 10 प्रतिशत सीएजीआर तक बढ़ाया जा सकता है, निर्यात के साथ अगले पांच वर्षों में संभवतरू 40 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा। तीन दिवसीय संगोष्ठी और सम्मेलन ने बड़ी संख्या में सरकारी अधिकारियों, विशेषज्ञों, उद्योग संघों और प्रचारकों, और फार्मा उद्योग के भविष्य को आकार देने वाले तकनीकी नेताओं की मेजबानी की।