Top
Begin typing your search above and press return to search.

असम के मुख्यमंत्री ने बिना पैसे के नौकरियों को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगामी नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान मंगलवार को कांग्रेस पर अपना हमला तेज कर दिया। उन्होंने अपनी सरकार के भर्ती अभियान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार के तहत राज्य का राजनीतिक माहौल काफी बदल गया है।

असम के मुख्यमंत्री ने बिना पैसे के नौकरियों को लेकर कांग्रेस पर सवाल उठाए
X

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने आगामी नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिए प्रचार के दौरान मंगलवार को कांग्रेस पर अपना हमला तेज कर दिया। उन्होंने अपनी सरकार के भर्ती अभियान का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार के तहत राज्य का राजनीतिक माहौल काफी बदल गया है।

पत्रकारों से बात करते हुए सरमा ने कहा कि लोग अब कांग्रेस से यह सवाल कर रहे हैं कि उसके कार्यकाल में सरकारी नौकरियां बिना पैसे लिए क्यों नहीं दी गईं।

उन्होंने कहा कि अब लोग पूछ रहे हैं कि अगर हिमंता बिस्वा सरमा के समय में लोगों को बिना पैसे लिए नौकरियां मिल रही हैं, तो कांग्रेस के शासनकाल में ऐसा क्यों नहीं हुआ?

सरमा ने यह भी दावा किया कि अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं को असामान्य प्रतिक्रियाओं का सामना करना पड़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब कांग्रेस नेता अल्पसंख्यक क्षेत्रों में जाते हैं तो लोग उनका पीछा करते हैं। ऐसा मैंने पहले कभी नहीं देखा।

उनकी ये टिप्पणी नागांव लोकसभा उपचुनाव के लिए चल रहे गहन प्रचार अभियान के बीच आई है, जो 6 अक्टूबर को होने वाला है। पूर्व कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे और भाजपा में शामिल होने के बाद यह सीट खाली हुई थी।

भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन ने पूर्व नौकरशाह देवाशीष शर्मा को उम्मीदवार बनाया है, जबकि कांग्रेस ने सिबामोनी बोरा को नामांकित किया है। एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल भी चुनाव लड़ रहे हैं।

सरमा शर्मा के लिए व्यापक प्रचार कर रहे हैं, और उन्होंने राहा और समागुरी में रैलियों सहित पूरे निर्वाचन क्षेत्र में कई जनसभाओं को संबोधित किया है।

चुनाव प्रचार में राजनीतिक तनाव भी देखने को मिला है। कांग्रेस नेताओं ने पहले आरोप लगाया था कि समागुरी में प्रचार के दौरान उनके काफिले पर हमला हुआ था, जबकि शर्मा ने इस घटना का कारण कांग्रेस के भीतर के मतभेदों को बताया।

मतदान नजदीक आने के साथ ही रोजगार, विकास, शासन और विभिन्न समुदायों का राजनीतिक प्रतिनिधित्व प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे हैं। दोनों प्रमुख दलों ने नागांव निर्वाचन क्षेत्र में अपना प्रचार अभियान तेज कर दिया है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it