अमेरिका का नया प्रतिबंध कानून : भारत और चीन पर टैरिफ का खतरा, यूरेनियम आयात को मिली छूट
अमेरिकी कांग्रेस ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक पारित कर दिया है। इस कानून के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है

भारत और चीन पर 100% टैरिफ का खतरा
- ऊर्जा व्यापार और शैडो फ्लीट पर सख्ती
- यूरेनियम आयात को मिली विशेष छूट
- कानून की धारा 111 और 114 में प्रावधान
वाशिंगटन। अमेरिकी कांग्रेस ने रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने वाला विधेयक पारित कर दिया है। इस कानून के तहत राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल गया है, जो रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं या मॉस्को को प्रतिबंधों से बचाने में मदद करते हैं। इसमें भारत और चीन भी शामिल हो सकते हैं।
ऊर्जा क्षेत्र पर सख्ती
‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक इस विधेयक में रूसी अधिकारियों, बैंकों और ऊर्जा व्यापार को निशाना बनाया गया है। साथ ही रूस के "शैडो फ्लीट" जहाजों पर भी कार्रवाई का प्रावधान है।
परमाणु क्षेत्र में राहत
हालांकि, इस कानून में परमाणु क्षेत्र से जुड़ी कुछ छूट दी गई है। राष्ट्रपति को रूस से यूरेनियम आयात पर मौजूदा पाबंदियां लागू करनी होंगी, लेकिन नागरिक परमाणु सहयोग समझौतों और कम‑संवर्धित यूरेनियम (low‑enriched uranium) के कुछ आयातों को छूट दी गई है। मेडिकल‑आइसोटोप से जुड़े आयातों के लिए भी विशेष छूट का प्रावधान है।
कानूनी प्रावधान
कानून की धारा 111 में रोसाटॉम और उसकी सहायक कंपनियों से आने वाले यूरेनियम पर रोक लगाने का निर्देश है। वहीं, धारा 114 में दो अपवाद दिए गए हैं—एक नागरिक परमाणु सहयोग समझौतों के तहत होने वाली गतिविधियों के लिए और दूसरा अमेरिकी परमाणु रिएक्टरों में इस्तेमाल होने वाले कुछ खास आयातों के लिए।


