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अमेरिकी सीनेटरों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चीनी कारों को बताया खतरनाक, जासूसी के डर से लगा सकता है बैन

अमेरिका के सीनेटरों के एक समूह ने राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम, गलत ट्रेड प्रैक्टिस और घरेलू ऑटो इंडस्ट्री के लिए खतरों का हवाला देते हुए अमेरिकी सड़कों से चीनी कनेक्टेड गाड़ियों, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर बैन लगाने के लिए कानून पेश किया है।

अमेरिकी सीनेटरों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चीनी कारों को बताया खतरनाक, जासूसी के डर से लगा सकता है बैन
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वाशिंगटन। अमेरिका के सीनेटरों के एक समूह ने राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम, गलत ट्रेड प्रैक्टिस और घरेलू ऑटो इंडस्ट्री के लिए खतरों का हवाला देते हुए अमेरिकी सड़कों से चीनी कनेक्टेड गाड़ियों, सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर पर बैन लगाने के लिए कानून पेश किया है।

अमेरिका के सीनेटरों ने कनेक्टेड व्हीकल सिक्योरिटी एक्ट को लेकर रविवार को कानून पेश किया। मिशिगन से रिपब्लिकन और चीन पर हाउस सेलेक्ट कमेटी के चेयरमैन कांग्रेसी जॉन मूलेनार ने डेमोक्रेटिक कांग्रेस सीनेटर डेबी डिंगेल के साथ मिलकर प्रस्ताव पेश किया।

मूलेनार ने बिल की घोषणा करते हुए एक बयान में कहा, “अमेरिकी ऑटो इंडस्ट्री नौकरियों, राष्ट्रीय सुरक्षा और अमेरिका के मैन्युफैक्चरिंग बेस के भविष्य के लिए बहुत जरूरी है।”

उन्होंने कहा, “चीन हर इंडस्ट्री में अनुचित तरीके अपनाता है और ऑटो सेक्टर में वह गाड़ियों और कंपोनेंट्स का अत्यधिक उत्पादन कर उन्हें बेहद सस्ते दामों पर बेच रहा है। इसका मकसद हमारी कंपनियों को बाजार से बाहर करना है।”

मूलेनार ने कुछ चीनी कंपनियों पर कीमतों में बढ़त हासिल करने के लिए जबरन मजदूरी का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “कुछ मामलों में सीएटीएल और बीवाईडी जैसी चीनी कंपनियां मेहनती अमेरिकियों की उचित मजदूरी को कमजोर करने के लिए जबरन मजदूरी का इस्तेमाल करती हैं। इन कंपनियों को अमेरिका में कारोबार करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए और न ही उनके उत्पाद हमारी कारों में इस्तेमाल होने चाहिए या हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए खतरा बनना चाहिए।”

डेबी डिंगेल ने कहा कि इस कानून का उद्देश्य अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग नौकरियों की रक्षा करना और पिछली औद्योगिक गिरावट जैसी स्थिति को दोबारा होने से रोकना है।

उन्होंने कहा, “यह द्विदलीय कानून चीनी गाड़ियों को हमारे देश में आने से रोकेगा। चीन भारी सरकारी सब्सिडी, अनुचित व्यापारिक तरीकों और जबरन मजदूरी के जरिए हमारे वर्कर्स को नुकसान पहुंचा रहा है।”

डेबी डिंगेल ने आगे कहा, “मुझे उन गलतियों को दोहराने में कोई दिलचस्पी नहीं है, जिन्होंने इस देश की मैन्युफैक्चरिंग कम्युनिटी को खोखला कर दिया, जबकि नेताओं ने श्रमिकों से कहा था कि ग्लोबलाइजेशन किसी तरह अपने आप सब ठीक कर देगा।”

यह बिल 1 जनवरी 2027 से उन कनेक्टेड वाहनों के आयात, निर्माण, बिक्री या अंतरराज्यीय व्यापार पर रोक लगाएगा, जो चिन्हित विदेशी विरोधी देशों से आते हैं या उनके नियंत्रण में हैं। यह कानून खास तौर पर चीन, रूस, उत्तर कोरिया और ईरान को निशाना बनाता है।

इसके तहत 2027 से उन देशों से जुड़े कनेक्टेड वाहन सॉफ्टवेयर पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा, जबकि कनेक्टेड वाहन हार्डवेयर पर रोक 1 जनवरी 2030 से लागू होगी।

बिल के अनुसार, कनेक्टेड गाड़ियां बहुत सारा सेंसिटिव डेटा इकट्ठा करती हैं और भेजती हैं, जिसमें जियोलोकेशन, ऑपरेशनल और पर्सनल जानकारी शामिल है। इसे दूर से भी एक्सेस या कंट्रोल किया जा सकता है।

कानून में कहा गया है कि चीन हर साल लगभग 8 मिलियन गाड़ियां एक्सपोर्ट करता है, जो किसी भी दूसरे देश द्वारा एक्सपोर्ट की गई मात्रा से लगभग दोगुना है।

प्रस्ताव में वाणिज्य सचिव को इंडस्ट्री से जुड़े पक्षों के लिए कंप्लायंस मैकेनिज्म तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसमें कन्फर्मिटी डिक्लेरेशन, एडवाइजरी रूलिंग और वेवर प्रोसीजर शामिल होंगे। उल्लंघन करने पर हर ट्रांजैक्शन पर कम से कम 1.5 मिलियन डॉलर की सिविल पेनल्टी लग सकती है।

यह बिल वाशिंगटन में चीनी तकनीक के अमेरिकी अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्रों, खासकर इलेक्ट्रिक गाड़ियों, बैटरी और एडवांस्ड टेलीकम्युनिकेशन सेक्टर में बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता को दर्शाता है। बीवाईडी समेत चीनी ऑटोमेकर्स ने हाल के वर्षों में दुनिया भर में तेजी से विस्तार किया है, जिससे अमेरिकी कानून निर्माताओं में साइबर सिक्योरिटी, सप्लाई चेन पर निर्भरता और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को लेकर चिंता बढ़ी है।


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