अमेरिका-ईरान में समझौते की नई पहल, यूरेनियम भंडार तीसरे देश को सौंपने का प्रस्ताव; ट्रंप ने हमले पर फैसला टाला
अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते के मसौदे में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए तुर्किये के इस्तांबुल के बजाय कतर की राजधानी दोहा को चुने जाने की बात कही गई है। समझौते का उद्देश्य परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच जारी विवाद को कम करना और युद्धविराम की संभावनाओं को मजबूत करना है।

वॉशिंगटन/तेहरान: पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते सैन्य तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक समाधान की कोशिशें तेज हो गई हैं। दोनों देशों के बीच संभावित समझौते को लेकर एक नया प्रस्ताव सामने आया है। इसके तहत ईरान अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को किसी तीसरे देश को सौंप सकता है या उसके संवर्धन का स्तर कम करने पर सहमति दे सकता है। इसके बदले अमेरिका ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों और अन्य पाबंदियों में राहत देने पर विचार कर सकता है। इस प्रस्ताव में चीन को समझौते के क्रियान्वयन और निगरानी में गारंटर की भूमिका देने की भी बात कही गई है। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अभी ईरान पर नए हमले को लेकर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।
चीन को गारंटर बनाने का प्रस्ताव
अल अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित समझौते के मसौदे में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत के लिए तुर्किये के इस्तांबुल के बजाय कतर की राजधानी दोहा को चुने जाने की बात कही गई है। समझौते का उद्देश्य परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों देशों के बीच जारी विवाद को कम करना और युद्धविराम की संभावनाओं को मजबूत करना है। मसौदे के अनुसार, समझौते के प्रत्येक चरण को लागू करने से पहले एक स्वतंत्र सत्यापन तंत्र बनाया जाएगा। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि अमेरिका और ईरान दोनों ने अपनी निर्धारित शर्तों का पालन किया है या नहीं। किसी तरह के उल्लंघन अथवा विवाद की स्थिति में मध्यस्थ और गारंटर देश समाधान निकालने में मदद करेंगे। इस बीच, युद्धविराम बहाल कराने की कोशिशों के तहत कतर का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को तेहरान पहुंचा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, शनिवार को दोनों पक्षों के बीच करीब 12 घंटे तक बैठक चली। इसे क्षेत्र में तनाव कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कूटनीतिक प्रयास माना जा रहा है।
मोजतबा खामेनेई की सैन्य कमांडरों को सख्त चेतावनी
एक तरफ बातचीत की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं, वहीं ईरान की ओर से सैन्य तैयारियों को लेकर सख्त रुख भी दिखाया जा रहा है। ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने सशस्त्र बलों के वरिष्ठ कमांडरों को किसी भी संभावित हमले का तत्काल और प्रभावी जवाब देने का निर्देश दिया है। उनके आधिकारिक एक्स और टेलीग्राम अकाउंट पर जारी संदेशों में कहा गया कि ईरान को अपनी सुरक्षा के लिए हर तरह के खतरे का जवाब भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर देने के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने सैन्य क्षमताओं और रक्षा तकनीक को मजबूत करने पर भी जोर दिया। उनके इस संदेश को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए कड़ा संकेत माना जा रहा है।
ईरान मध्यस्थों के जरिए रखेगा पक्ष
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में अमेरिका के साथ सीधे बातचीत की खबरों को खारिज किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल तेहरान मध्यस्थों के माध्यम से ही बातचीत करना चाहता है। सीधे संवाद का फैसला कब और किस स्तर पर होगा, यह ईरान खुद तय करेगा। अराघची ने स्वीकार किया कि मध्यस्थों के जरिए ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम से संबंधित एक प्रस्ताव मिला है और अधिकारी उसकी समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ओर से भेजे गए पत्र को भी सकारात्मक कदम बताया। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर उन्होंने कहा कि ईरान की शर्तें स्वीकार किए जाने पर इसे दो दिनों के भीतर खोला जा सकता है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। इसके बंद रहने या आवाजाही बाधित होने से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर गंभीर असर पड़ सकता है।
ट्रंप बोले- युद्ध खत्म करने की जल्दबाजी नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि वाशिंगटन ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने को लेकर जल्दबाजी में नहीं है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और समय अमेरिका के पक्ष में है। वहीं, अटलांटा में जी20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने अभी ईरान पर हमले को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। उनके बयान से स्पष्ट है कि कूटनीतिक प्रयासों के बावजूद सैन्य विकल्प पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
अमेरिकी हमले में दो मछुआरों के लापता होने का दावा
इस बीच, ईरानी मीडिया आईआरआईबी ने अमेरिकी सेना पर होर्मुजगान प्रांत में केश्म द्वीप के पास मछली पकड़ने वाली दो नौकाओं पर हमला करने का आरोप लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस घटना में दो मछुआरे लापता हो गए, जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अमेरिका और ईरान के बीच एक ओर परमाणु कार्यक्रम, प्रतिबंधों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर समझौते की संभावनाएं बन रही हैं, तो दूसरी ओर सैन्य चेतावनियों और हमलों के आरोपों ने हालात को संवेदनशील बनाए रखा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि मध्यस्थ देशों की कोशिशें किसी ठोस समझौते तक पहुंचती हैं या पश्चिम एशिया में संघर्ष और लंबा खिंचता है।


