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अमेरिकी फ्लाइट स्कूलों का चीनी पायलटों को ट्रेनिंग देना चिंताजनक: सीनेटर बैंक्स

अमेरिका में एक वरिष्ठ रिपब्लिकन सीनेटर ने विमानन सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों को चेतावनी दी है कि अमेरिकी फ्लाइट स्कूलों में चीनी नागरिकों को ऐसी ट्रेनिंग दी जा रही है, जो अप्रत्यक्ष रूप से चीन की सैन्य महत्वाकांक्षाओं को मदद पहुंचा सकती है।

अमेरिकी फ्लाइट स्कूलों का चीनी पायलटों को ट्रेनिंग देना चिंताजनक: सीनेटर बैंक्स
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वॉशिंगटन। अमेरिका में एक वरिष्ठ रिपब्लिकन सीनेटर ने विमानन सुरक्षा से जुड़ी एजेंसियों को चेतावनी दी है कि अमेरिकी फ्लाइट स्कूलों में चीनी नागरिकों को ऐसी ट्रेनिंग दी जा रही है, जो अप्रत्यक्ष रूप से चीन की सैन्य महत्वाकांक्षाओं को मदद पहुंचा सकती है।

सीनेटर जिम बैंक्स ने ट्रांसपोर्टेशन सिक्योरिटी एडमिनिस्ट्रेशन (टीएसए) को लिखे एक पत्र में कहा कि यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से चिंता पैदा करता है। उन्होंने चीन की “मिलिटरी–सिविल फ्यूजन (एमसीएफ)” रणनीति का जिक्र किया, जिसके तहत सेना और व्यापारिक क्षेत्रों के बीच की सीमाएं जानबूझकर धुंधली कर दी जाती हैं।

उन्होंने कहा कि इस नीति की वजह से चीन की कई कंपनियां, चाहे वे सरकारी हों या निजी उन्नत उद्योगों में वैश्विक बाजार का बड़ा हिस्सा हासिल करने में सफल रही हैं। साथ ही इससे चीन की सरकार को आपात स्थिति या युद्ध के समय राष्ट्रीय संसाधनों को तेजी से जुटाने की क्षमता भी मिलती है।

बैंक्स ने कहा कि प्रशिक्षित पायलटों की बढ़ती मांग भी इस रुझान की बड़ी वजह है। सीनेटर ने खत में कहा कि चीन को 2043 तक 130,000 कमर्शियल और जनरल एविएशन पायलटों की ज़रूरत होगी। पायलटों की यह कमी उसकी फ़ौज में भी है, जहां ट्रेनिंग की समय-सीमा कम कर दी गई है और मांग को पूरा करने के लिए भर्ती का दायरा बढ़ा दिया गया है।

खत में बताई गई रिसर्च रिपोर्टिंग के मुताबिक, चीन को हर साल लगभग 5,000 पायलट कैडेटों की ज़रूरत होती है, जबकि उसके अपने संस्थान सिर्फ़ 1,200 के आस-पास ही तैयार कर पाते हैं। नतीजतन, कई ट्रेनी ट्रेनिंग के लिए अमेरिका के फ़्लाइट स्कूलों का रुख कर रहे हैं।

सीनेटर ने कुछ खास संस्थानों का भी जिक्र किया। इनमें एरिजोना स्थित एरोगार्ड फ्लाइट ट्रेनिंग सेंटर शामिल है, जिसके चीन से जुड़े विमानन संगठनों के साथ साझेदारी होने की बात कही गई है। चीनी सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस संस्थान के करीब दो-तिहाई छात्र चीनी नागरिक हैं। इसके अलावा कैलिफोर्निया की सिएरा एकेडमी ऑफ एरोनॉटिक्स में भी हर साल सैकड़ों चीनी पायलटों को प्रशिक्षण दिया जाता है।

सिएरा एकेडमी के एक अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि चूंकि यह संस्थान लंबे समय से चीनी सरकार, संस्थानों और एयरलाइनों के साथ काम कर रहा है, इसलिए उसके पास इस तरह के कार्यक्रम चलाने के लिए जरूरी संपर्क मौजूद हैं।

बैंक्स का कहना है कि भले ही इन प्रशिक्षुओं में से कई लोग नागरिक विमानन में ही करियर बनाएं, लेकिन चीन की सरकारी व्यवस्था में नागरिक और सैन्य उपयोग के बीच साफ सीमा तय करना मुश्किल होता है। उन्होंने कहा कि जितने अधिक चीनी नागरिक विमानन प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, उतने ही अधिक विकल्प चीनी सेना के पास पायलट और प्रशिक्षक भर्ती करने के लिए होंगे।

उन्होंने टीएसए से अपील की कि फ्लाइट ट्रेनिंग सिक्योरिटी प्रोग्राम के तहत विदेशी आवेदकों की जांच प्रक्रिया को और सख्त किया जाए। फिलहाल इस कार्यक्रम के तहत आवेदकों की जांच आव्रजन रिकॉर्ड, निगरानी सूचियों और आपराधिक इतिहास के आधार पर की जाती है।

बैंक्स ने कहा कि चीनी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य विदेशी प्रतिद्वंद्वी देशों से पैदा होने वाले खतरे को देखते हुए जांच प्रक्रिया में इसे भी एक अतिरिक्त कारक के रूप में शामिल किया जाना चाहिए।

उन्होंने एजेंसी से इस प्रोग्राम को अपडेट करने की अपील की, ताकि "चीन जैसे दुश्मन देशों" के लोगों को अमेरिका में फ्लाइट ट्रेनिंग लेने से रोका जा सके। उन्होंने कहा, "हमें यह पक्का करना होगा कि अमेरिकी फ़्लाइट ट्रेनिंग प्रोग्राम अमेरिकी हितों की सेवा करें न कि शी जिनपिंग के सपनों की।"


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