अमेरिकी कांग्रेस ने रूस प्रतिबंध विधेयक पारित किया, भारत और चीन पर 100% टैरिफ का खतरा
अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार को रूस के खिलाफ व्यापक प्रतिबंधों वाला विधेयक पारित कर दिया

262-159 वोटों से हाउस में मिला समर्थन
- ऊर्जा व्यापार और शैडो फ्लीट पर निशाना
- यूक्रेन ने की अमेरिकी प्रतिबंध पैकेज की अपील
वाशिंगटन। अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स ने बुधवार को रूस के खिलाफ व्यापक प्रतिबंधों वाला विधेयक पारित कर दिया। इससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले बड़े देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाएगा। इसमें भारत और चीन भी शामिल हो सकते हैं।
विधेयक का विवरण
‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नामक इस विधेयक को 262-159 के बहुमत से मंजूरी मिली। सीनेट इसे पहले ही 7 अगस्त को 86-11 के बहुमत से पारित कर चुका है। अब यह राष्ट्रपति ट्रंप के हस्ताक्षर के लिए जाएगा।
निशाने पर ऊर्जा व्यापार
यह कानून रूसी अधिकारियों, बैंकों और ऊर्जा व्यापार को निशाना बनाता है। साथ ही रूस के ‘शैडो फ्लीट’ जहाजों पर भी प्रतिबंध लगाता है। इसमें राष्ट्रपति को रूस से ऊर्जा खरीदने वाले पांच बड़े देशों पर 100 प्रतिशत तक शुल्क लगाने का अधिकार दिया गया है।
भारत पर असर
भारत और चीन रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल हैं। अगर राष्ट्रपति इस अधिकार का इस्तेमाल करते हैं तो भारत पर अमेरिकी आयात पर भारी टैरिफ लग सकता है। हालांकि, उन देशों को छूट मिलेगी जो रूस से प्राकृतिक गैस का 15 प्रतिशत से कम आयात करते हैं और खरीद कम करने के ठोस कदम उठा चुके हैं।
यूक्रेन की अपील
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अमेरिकी कांग्रेस से इस प्रतिबंध पैकेज को पारित करने की अपील की थी। उनका कहना था कि मॉस्को को बातचीत के लिए मजबूर करने के लिए ज्यादा दबाव जरूरी है।


