Top
Begin typing your search above and press return to search.

यूनिफिल के भविष्य को लेकर अनिश्चितता, दक्षिणी लेबनान के निवासी चिंतित

संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (यूनिफिल) का मौजूदा जनादेश 2026 के अंत में समाप्त होने वाला है।

यूनिफिल के भविष्य को लेकर अनिश्चितता, दक्षिणी लेबनान के निवासी चिंतित
X

बेरूत। संयुक्त राष्ट्र अंतरिम बल लेबनान (यूनिफिल) का मौजूदा जनादेश 2026 के अंत में समाप्त होने वाला है। इसे लेकर दक्षिणी लेबनान के सीमावर्ती समुदायों के निवासी इस बात को लेकर चिंतित हैं कि शांति मिशन में किसी भी तरह की कटौती या वापसी से सुरक्षा, आजीविका और दैनिक जीवन पर असर पड़ सकता है।

हालांकि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने यूनिफिल के जनादेश को 31 दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया है, लेकिन उसके बाद मिशन के भविष्य को लेकर बहस जारी है। इससे दक्षिणी लेबनान के निवासियों में चिंता बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि यह बल अब उनके रोजमर्रा के जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है।

यूनिफिल की स्थापना 1978 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 425 और 426 के तहत हुई थी। 2006 के लेबनान-इजराइल युद्ध के बाद प्रस्ताव 1701 के तहत इसका विस्तार किया गया। वर्तमान में करीब 50 देशों के लगभग 10,500 शांति सैनिक इसमें शामिल हैं।

संघर्ष विराम की निगरानी और संयुक्त राष्ट्र द्वारा निर्धारित 'ब्लू लाइन' पर स्थिरता बनाए रखने के अलावा, यह बल दक्षिणी लेबनान में बारूदी सुरंग हटाने, चिकित्सा सेवाएं देने और पर्यावरण व विकास परियोजनाओं में भी मदद करता है।

निवासियों ने कहा कि मिशन स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी अहम भूमिका निभाता है। हजारों शांति सैनिकों की मौजूदगी से दुकानों, रेस्तरां और सेवा प्रदाताओं को फायदा हुआ है। मिशन ने कई निवासियों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार भी दिया है।

दशकों की बातचीत से शांति सैनिकों और स्थानीय समुदायों के बीच करीबी सामाजिक संबंध भी बने हैं। शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यूनिफिल में अनुवादक के तौर पर काम करने वाली क्लॉडी नहरा ने कहा कि रिश्ते औपचारिक सहयोग से आगे बढ़कर रोजमर्रा की बातचीत तक पहुंच गए हैं। कुछ रिश्ते परिवारिक संबंधों में भी बदल गए हैं।

मार्जेयून के निवासी जॉर्ज अल-कैस ने शिन्हुआ को बताया कि यूनिफिल कर्मियों और स्थानीय लोगों के बीच करीब 34 शादियां हुई हैं, जिनमें से 22 अकेले मार्जेयून में हुई हैं।

आर्थिक और मानवीय योगदान के अलावा, कई निवासियों का मानना है कि यूनिफिल सीमा की निगरानी और उल्लंघनों का दस्तावेजीकरण कर दक्षिणी लेबनान में स्थिरता लाने में मदद करता है।

2023 से शुरू होकर दक्षिणी लेबनान में एक साल से अधिक समय तक सीमा पार संघर्ष चला था। 27 नवंबर 2024 को संघर्ष विराम लागू हुआ। निवासियों का कहना है कि संघर्ष दोबारा न भड़के, इसके लिए प्रभावी तंत्र जरूरी हैं।

लेबनान ने बार-बार यूनिफिल की मौजूदगी बनाए रखने का समर्थन किया है। सरकारी नेशनल न्यूज एजेंसी के अनुसार, राष्ट्रपति जोसेफ औन ने हाल ही में दोहराया कि लेबनान संयुक्त राष्ट्र शांति सेना को तब तक दक्षिणी लेबनान में रखने के लिए प्रतिबद्ध है जब तक सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव 1701 का पूर्ण कार्यान्वयन न हो जाए और लेबनानी सेना की तैनाती अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमा तक पूरी न हो जाए।

यूनिफिल ने जनवरी में बताया था कि संयुक्त राष्ट्र के बजट में कटौती के कारण नवंबर 2025 की शुरुआत से अब तक 1,800 से अधिक शांति सैनिक दक्षिणी लेबनान छोड़ चुके हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it