मियामी में फिर आमने-सामने होंगे यूक्रेन और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडल
यूक्रेन और अमेरिका की टीमें शनिवार को मियामी में एक बार फिर बातचीत करने जा रही हैं

सुरक्षा गारंटी और आर्थिक समझौते पर दावोस में हो सकते हैं हस्ताक्षर
- ज़ेलेंस्की ने मांगी स्थायी सुरक्षा गारंटी मिसाइल आपूर्ति पर भी जताई चिंता
- रूस ने अमेरिकी प्रयासों का किया स्वागत शांति के लिए संयुक्त कोशिशों पर जोर
- अगले दौर की वार्ता से उम्मीद बढ़ी यूक्रेन पुनर्निर्माण पैकेज पर बनेगी सहमति
कीव। यूक्रेन और अमेरिका की टीमें शनिवार को मियामी में एक बार फिर बातचीत करने जा रही हैं। इसकी जानकारी अमेरिका में यूक्रेन की राजदूत ओल्गा स्तेफानिशिना ने दी।
स्टेफनिशिना की 'एक्स' पर पोस्ट के अनुसार, उम्मीद है कि प्रतिनिधिमंडल सुरक्षा गारंटी और यूक्रेन की आर्थिक समृद्धि पर समझौतों को अंतिम रूप देंगे। इन समझौतों पर अगले सप्ताह विश्व आर्थिक मंच की बैठक के दौरान दावोस में हस्ताक्षर हो सकते हैं।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन के प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद के प्रमुख रुस्तेम उमेरोव, राष्ट्रपति कार्यालय के प्रमुख किरिलो बुदानोव और संसद में सत्तारूढ़ पार्टी ‘सर्वेंट ऑफ द पीपल’ के नेता डेविड अराखामिया शामिल हैं।
यूक्रेन और अमेरिका के बीच बातचीत का पिछला दौर पिछले महीने हुआ था। इंटरफैक्स-यूक्रेन समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने शुक्रवार को कहा कि यूक्रेन को स्थायी सुरक्षा गारंटी की ज़रूरत है। उन्होंने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि यूक्रेन और अमेरिका के अधिकारी जल्द ही सुरक्षा गारंटी और देश के पुनर्निर्माण पैकेज पर बातचीत करेंगे। उनके अनुसार, इन समझौतों पर भी दावोस में होने वाली बैठक के दौरान हस्ताक्षर हो सकते हैं।
जेलेंस्की ने यह भी कहा कि यूक्रेन को अपने हवाई रक्षा तंत्र की सुरक्षा के लिए लगातार मिसाइलों की आपूर्ति चाहिए। उन्होंने बताया कि शुक्रवार तक देश के कई एयर डिफेंस सिस्टम के लिए मिसाइलें नहीं थी, लेकिन उसी दिन सुबह यूक्रेन को मिसाइलों की एक नई खेप मिल गई।
इस बीच रूस ने कहा है कि वह यूक्रेन संघर्ष के समाधान के लिए अमेरिका के राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों का स्वागत करता है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, "यूक्रेन समझौते को राजनीतिक और राजनयिक ढांचे में लाने के वाशिंगटन के प्रयास रूस के हितों के अनुरूप हैं, और हम ऐसे प्रयासों को महत्व देते हैं।"
पेस्कोव ने कहा कि शांति अपने आप नहीं आती, इसके लिए सभी संबंधित देशों को मिलकर प्रयास करने होंगे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सुरक्षा संवाद से ही संभव है और रूस इस मुद्दे पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि शांति स्थापित करने के लिए सभी पक्षों की संयुक्त और आपसी कोशिशें जरूरी हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन यूरोप के साथ इस समय कोई संवाद नहीं चल रहा है।


