रूस-यूक्रेन युद्ध पर ट्रंप का बयान: पुतिन-जेलेंस्की समझौते को तैयार
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच समझौता न हो पाने की वजह वही पुरानी समस्याएं हैं

“यह बाइडेन का युद्ध है, मेरा नहीं” – ट्रंप ने साधा निशाना
- जमीन और सीमाओं पर विवाद से खिंच रही लड़ाई, हालात अब भी जटिल
- कड़ाके की ठंड में जूझ रहा यूक्रेन, ट्रंप ने बताया बेहद कठिन हालात
- ग्रीनलैंड, वेनेजुएला और ईरान पर भी बोले ट्रंप, शांति प्रयासों में शामिल रहने का संकेत
वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यूक्रेन और रूस के बीच समझौता न हो पाने की वजह वही पुरानी समस्याएं हैं, जिनके कारण कई महीनों से बातचीत आगे नहीं बढ़ पाई है। उन्होंने इस युद्ध को बहुत जटिल बताया और साफ कहा कि यह उनकी नहीं, बल्कि जो बाइडेन की सरकार का युद्ध है।
ट्रंप ने दावोस से वॉशिंगटन लौटते समय एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत में कहा, यह ऐसा युद्ध है जो कभी होना ही नहीं चाहिए था। यह बाइडेन का युद्ध है। यह मेरा युद्ध नहीं है। हालात कठिन हैं। इसमें शहर, सड़कें, नदियां और सीमाएं जैसे कई मुद्दे जुड़े हुए हैं।"
ट्रंप के अनुसार जमीन और सीमाओं को लेकर विवाद ही लड़ाई को लंबा खींच रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि यह तय करना मुश्किल हो गया है कि यह युद्ध आखिर खत्म कहां होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि अन्य कई संघर्षों को उन्होंने कुछ ही दिनों में सुलझा दिया था, लेकिन यह मामला अब भी चलता ही जा रहा है।
ट्रंप ने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की दोनों अब समझौते के लिए तैयार दिख रहे हैं, लेकिन उन्होंने किसी बड़ी सफलता की भविष्यवाणी नहीं की। उनका कहना था कि फिलहाल हालात में कोई खास बदलाव नहीं आया है।
उन्होंने बताया कि जेलेंस्की उनसे मिलने आए थे और उन्होंने भी समझौता करने की इच्छा जताई थी। ट्रंप ने कहा कि बातचीत के मुद्दे सबको पता हैं और ये नए नहीं हैं, बल्कि कई महीनों से इन्हीं पर चर्चा हो रही है।
उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि राष्ट्रपति पुतिन एक समझौता करना चाहेंगे। मुझे लगता है कि राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की एक समझौता करना चाहेंगे।" ट्रंप ने कहा कि ज़ेलेंस्की उनसे मिलने आए थे और उन्होंने एक समझौते पर पहुंचने की अपनी इच्छा व्यक्त की। ट्रंप ने कहा, "उन्होंने कहा कि वह एक समझौता करना चाहेंगे क्योंकि लोग मापदंड जानते हैं। ऐसा नहीं है कि, आप जानते हैं, हम उन चीज़ों पर चर्चा कर रहे हैं जिन पर छह या सात महीनों से चर्चा हो रही है।"
ट्रंप ने यूक्रेन की स्थिति को बेहद मुश्किल बताया, खासकर सर्दियों में। उन्होंने कहा कि कई जगह लोग कड़ाके की ठंड में बिना हीटर के रह रहे हैं, जो इंसानों के लिए बहुत कठोर हालात हैं।
ग्रीनलैंड के बारे में ट्रंप ने कहा कि उनकी सरकार किसी ढांचे वाले समझौते पर काम कर रही है और अगले दो हफ्तों में स्थिति साफ हो सकती है। उन्होंने कहा कि कुछ अच्छा करने की भावना बनी हुई है। साथ ही उन्होंने अमेरिका की सैन्य ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि देश के पास मजबूत सेना और आधुनिक हथियार हैं।
वेनेजुएला पर बात करते हुए ट्रंप ने वहां के नेतृत्व की तारीफ की और कहा कि वहां से बड़ी मात्रा में तेल अमेरिका आ रहा है। उनके अनुसार, इससे दोनों देशों को फायदा होगा, अमेरिका और समृद्ध होगा और वेनेजुएला की हालत भी पहले से बेहतर होगी।
ईरान को लेकर ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने बड़ी सैन्य तैयारियां की हैं, लेकिन वे टकराव से बचना चाहते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने बड़े पैमाने पर होने वाली फांसी को रुकवाया था। साथ ही उन्होंने पहले हुए हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया था।
राष्ट्रपति ने अपने मौजूदा कार्यकाल के बाद अपनी संभावित भूमिका के बारे में भी बात की और कहा कि वह शांति प्रयासों में शामिल रह सकते हैं। उन्होंने शांति बोर्ड का जिक्र करते हुए कहा, "अगर मैं चाहूं तो मुझे इसका अधिकार है।" उन्होंने बताया कि शांति बोर्ड के जरिए संयुक्त राष्ट्र के साथ मिलकर काम किया जा सकता है, जिसमें काफी संभावनाएं हैं।
घरेलू नीति पर बात करते हुए ट्रंप ने कहा कि वे घर खरीदने के लिए रिटायरमेंट फंड से पैसे निकालने के पक्ष में ज्यादा नहीं हैं। उनका मानना है कि रिटायरमेंट फंड अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें सुरक्षित रखना चाहिए।


