ट्रंप का धमाका! रूस पर फिर से प्रतिबंध की तैयारी
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिये है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने के बाद रूस के तेल निर्यात पर प्रतिबंध फिर से लगाए जा सकते हैं

जी-7 में बड़ा बयान! ऊर्जा संकट के बीच ट्रंप का ऐलान
- रूस पर दोबारा वार! तेल निर्यात रोकने की चेतावनी
- होर्मुज जलडमरूमध्य खुला! अब रूस पर शिकंजा कसने की तैयारी
- वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति स्थिर! ट्रंप बोले– अब लगेगा नया प्रतिबंध
एवियां (फ्रांस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिये है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के दोबारा खुलने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने के बाद रूस के तेल निर्यात पर प्रतिबंध फिर से लगाए जा सकते हैं।
श्री ट्रंप ने जी-7 शिखर सम्मेलन के इतर पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जैसे ही वैश्विक तेल बाजार स्थिर होगा, वाशिंगटन रूस पर ऊर्जा संबंधी प्रतिबंधों को पुनः लागू करने की स्थिति में होगा। उन्होंने कहा, "तेल बाजार स्थिर होने के बाद प्रतिबंध दोबारा लगाए जा सकते हैं। अब तेल की आपूर्ति फिर से शुरू हो रही है, इसलिए हम ऐसा कर सकेंगे।"
श्री ट्रंप ने कहा, "हमने प्रतिबंध इसलिए हटाए थे क्योंकि हम तेल आपूर्ति में बाधा नहीं डालना चाहते थे। अब हम जल्द ही इन्हें फिर से लागू करने की स्थिति में हैं।" उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इसके बाद अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ऊर्जा संकट से जूझ रहे देशों को रूस से समुद्री मार्ग से तेल खरीदने की अस्थायी छूट दी थी। यह तेल ईरान से जुड़े व्यापक क्षेत्रीय तनाव के कारण रास्ते में फंसा हुआ था।
इन छूटों का उद्देश्य पहले से दबाव में चल रही वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को और अधिक प्रभावित होने से बचाना था, हालांकि यूक्रेन और उसके सहयोगी देशों ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि इससे रूस पर बनाए जा रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव को कमजोर किया गया है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते का पूरा ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन ट्रंप ने संकेत दिया कि इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी के लिए फिर से खोलने का प्रावधान शामिल है। माना जा रहा है कि इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति मार्गों में स्थिरता आएगी।
अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि समुद्री यातायात सामान्य होने और तेल आपूर्ति सुचारु रूप से बहाल होने के बाद प्रशासन रूस के ऊर्जा निर्यात को निशाना बनाने वाले प्रतिबंधों पर फिर से विचार करेगा।


