Top
Begin typing your search above and press return to search.

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर सहयोगियों के 'ढुलमुल रवैये' पर साधा निशाना

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो देश होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाली ऊर्जा और तेल की आपूर्ति पर निर्भर हैं

ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट पर सहयोगियों के ढुलमुल रवैये पर साधा निशाना
X

होर्मुज स्ट्रेट पर चेतावनी, सहयोगियों की हिचकिचाहट से ट्रंप निराश

  • चीन, जापान और दक्षिण कोरिया पर निशाना-“सिर्फ धन्यवाद नहीं, सहयोग भी करें”
  • ब्रिटेन से नौसैनिक मदद की मांग, ट्रंप बोले-“फैसला प्रधानमंत्री को करना चाहिए”
  • नाटो पर फिर उठाए सवाल, ट्रंप बोले-“हम हमेशा उनके लिए, वे कभी हमारे लिए नहीं”

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि जो देश होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते होने वाली ऊर्जा और तेल की आपूर्ति पर निर्भर हैं, उन्हें अमेरिका की मदद करनी चाहिए। उन्होंने इस बात पर निराशा जताई कि कई सहयोगी देश आगे आने से हिचक रहे हैं।

ट्रंप ने कहा कि इन देशों को सिर्फ अमेरिका का धन्यवाद ही नहीं करना चाहिए, बल्कि उसकी सहायता भी करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि कई बड़े देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इसी रणनीतिक समुद्री रास्ते पर काफी हद तक निर्भर हैं।

उन्होंने उदाहरण देते हुए चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे बड़े देशों का नाम लिया। ट्रंप ने कहा कि चीन को भी अमेरिका का आभार जताना चाहिए। उनके मुताबिक जापान अपनी लगभग 95 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतों के लिए, चीन करीब 91 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया भी अपने तेल और ऊर्जा का बड़ा हिस्सा होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते हासिल करता है।

ट्रंप ने यह भी कहा कि आज देशों को साथ लाना दो हफ्ते पहले की तुलना में ज्यादा आसान हो गया है। उनका इशारा इस ओर था कि कुछ देश तब आगे आने को तैयार हुए, जब अमेरिका पहले ही कड़ा सैन्य कदम उठा चुका था।

उन्होंने कहा कि कुछ देशों के रवैये से उन्हें काफी निराशा हुई है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि एक-दो देशों ने बहुत अच्छा सहयोग किया है और समय आने पर वह बताएंगे कि वे कौन से देश हैं।

ट्रंप ने खास तौर पर ब्रिटेन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर से बातचीत के दौरान नौसेना की मदद मांगी थी। ट्रंप के मुताबिक उन्होंने कहा था कि अगर ब्रिटेन कुछ युद्धपोत और समुद्र में बिछी बारूदी सुरंगों को हटाने वाले जहाज भेज दे, तो यह काफी मददगार होगा।

उन्होंने ब्रिटेन की प्रतिक्रिया को हिचकिचाहट भरा बताया। उनके अनुसार स्टार्मर ने कहा कि वह इस बारे में अपनी टीम से सलाह करना चाहेंगे। इस पर ट्रंप ने कहा कि आप प्रधानमंत्री हैं, इसलिए फैसला आपको ही करना चाहिए।

ट्रंप ने यह भी कहा कि बाद में जब समर्थन की पेशकश की गई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। उन्होंने कहा, "अब मुझे उनकी जरूरत नहीं है। जीत हासिल करने के बाद मुझे उनकी जरूरत नहीं है; मुझे उनकी जरूरत काम शुरू करने से पहले थी। जब हम पहले ही जीत चुके हैं, तब मुझे आपके विमानवाहक जहाज़ों की कोई जरूरत नहीं है।"

इस दौरान ट्रंप ने नाटो को लेकर अपनी पुरानी चिंता भी दोहराई। उन्होंने कहा कि समस्या यह है कि अमेरिका हमेशा अपने सहयोगियों के लिए खड़ा रहता है, लेकिन जब अमेरिका को जरूरत पड़ती है तो कई देश पीछे हट जाते हैं। उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा कहा है, आप जानते हैं, नाटो के साथ दिक्कत यह है कि हम हमेशा उनके लिए मौजूद रहेंगे, लेकिन वे कभी हमारे लिए मौजूद नहीं रहेंगे।"

हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कुछ देश ऐसे भी थे जो अमेरिका का साथ देने के लिए पूरी तरह तैयार थे और वे इसमें सक्रिय भूमिका निभाना चाहते थे।

ट्रंप ने क्षेत्र में जहाजों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अभी तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाई गई हैं या नहीं, लेकिन इस आशंका से ही अरबों डॉलर के जहाज चलाने वाली कंपनियां डर जाती हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it