ट्रंप ने दिए क्यूबा को लेकर अमेरिका की नीति में बदलाव के संकेत
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर अमेरिका की नीति में संभावित बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कुछ प्रगति हो रही है और विदेश नीति से जुड़े मौजूदा मुद्दों से निपटने के बाद क्यूबा को लेकर नई पहल की जा सकती है।

वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा को लेकर अमेरिका की नीति में संभावित बदलाव के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि इस दिशा में कुछ प्रगति हो रही है और विदेश नीति से जुड़े मौजूदा मुद्दों से निपटने के बाद क्यूबा को लेकर नई पहल की जा सकती है।
व्हाइट हाउस में मेजर लीग सॉकर की चैंपियन टीम इंटर मियामी के सम्मान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने यह बात कही। इस दौरान उन्होंने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो की तारीफ भी की और क्यूबा का जिक्र किया।
ट्रंप ने कहा, “मार्को, आप शानदार काम कर रहे हैं। और क्यूबा नाम की जगह पर भी आपने बहुत अच्छा काम किया है।”
उन्होंने संकेत दिया कि क्यूबा से जुड़ी कुछ नई बातें जल्द सामने आ सकती हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिलहाल अमेरिकी प्रशासन दूसरे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर ध्यान दे रहा है। इस समय अमेरिका और इजरायल ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान में शामिल हैं।
ट्रंप ने कहा कि पहले इस मुद्दे को पूरा करना जरूरी है, लेकिन इसके बाद क्यूबा को लेकर भी कदम उठाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ समय की बात है, जब कई लोग क्यूबा की ओर फिर से जा सकते हैं।
हालांकि ट्रंप ने यह साफ नहीं किया कि उनकी सरकार क्यूबा को लेकर कौन से ठोस कदम उठा सकती है। लेकिन उनके बयान से यह संकेत जरूर मिला कि वाशिंगटन की नीति में कुछ बदलाव संभव है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका में रहने वाले कई लोगों का क्यूबा से अभी भी गहरा संबंध है और भविष्य में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर अलग से जश्न मनाया जाएगा और इसके लिए प्रशासन कुछ हफ्तों का इंतजार करना चाहता है।
यह कमेंट तब आया जब ट्रंप एक ग्रुप को एड्रेस कर रहे थे जिसमें इंटर मियामी के को-ओनर जॉर्ज मास भी शामिल थे, जिनका परिवार क्यूबा से यूनाइटेड स्टेट्स आ गया था।
कार्यक्रम के दौरान जॉर्ज मास ने अपने परिवार की कहानी और अमेरिका में क्यूबा से आए लोगों के योगदान का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके माता-पिता आजादी की तलाश में क्यूबा छोड़कर अमेरिका आए थे।
मास ने कहा कि इसी सोच ने उनके परिवार को आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि इंटर मियामी परियोजना भी उन प्रवासी परिवारों के सपनों और मूल्यों से प्रेरित है, जो बेहतर अवसर की तलाश में अमेरिका आए थे।
ट्रंप ने यह भी कहा कि कई लोग जो दशकों पहले क्यूबा छोड़कर चले गए थे, वे भविष्य में वहां वापस जा सकते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि उम्मीद है कि वे वहां बसने के लिए नहीं जाएंगे।
राष्ट्रपति ने क्यूबा से जुड़े संभावित फैसलों की समयसीमा या प्रकृति के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं दी।
अमेरिका और क्यूबा के संबंध पिछले कई दशकों से उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं। 1959 में फिदेल कास्त्रो के नेतृत्व में हुई क्यूबा की क्रांति के बाद दोनों देशों के रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। इसके बाद शीत युद्ध के दौरान अमेरिका ने क्यूबा पर व्यापक आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए थे, जिनमें से कई आज भी लागू हैं।


