जर्मनी में आग से तीन भारतीय लोगों की मौत
जर्मनी के बोखुम शहर में एक इमारत में आग लगने से 3 लोगों की मौत हो गई है और पांच लोग घायल हैं. मरने वाले सभी भारतीय हैं. इस मामले में पुलिस ने 41 साल के एक स्थानीय आदमी को गिरफ्तार किया है.

पुलिस और डिस्ट्रिक अटॉर्नी ऑफिस के मुताबिक गिरफ्तार किए गए शख्स पर लोगों की हत्या के आरोपों में जांच की जा रही है. आरोप है कि इस व्यक्ति ने जान बूझ कर इमारत में आग लगाई. मरने वालों में 25 और 26 साल की दो महिलाएं और एक 26 साल का पुरुष है. संदिग्ध आदमी इस इमारत के आसपास ही रहता है. जर्मन टीवी चैनल एटीवी ने समाचार एजेंसी डीपीए के हवाले से बताया है कि गिरफ्तार किया गया शख्स रोमानियाई मूल का है. पुलिस का नरसंहार विभाग इस मामले में उससे पूछताछ कर रहा है.
आग लगने के इस मामले में जांच अधिकारियों ने कोई तकनीकी गड़बड़ी होने से इनकार किया है. बोखुम के मेयर योर्ग लुकाट ने इस घटना को, "ऐसी त्रासदी" कहा है जो "बोखुम ने कई दशकों में नहीं देखी."
मंगलवार सुबह लगी आग
मंगलवार तड़के सुबह 4:15 बजे दमकल विभाग को आग की सूचना मिली. आग एक बहुमंजिली इमारत में लगी थी. लोग इमारत की पहली और दूसरी मंजिल की खिड़कियों पर खड़े हो कर मदद के लिए पुकार लगा रहे थे. आग बुझाने के दौरान ही दमकल कर्मियों ने एक अपार्टमेंट में तीन लोगों के शव देखे. करीब चार घंटे की मेहनत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका.
इमारत की दूसरी मंजिल के एक अपार्टमेंट में पीड़ित मिले. दमकल विभाग ने आपातकालीन सीढ़ी की मदद से उन्हें बाहर निकाला. हालांकि उनकी जान बचाने के लिए तब तक देर हो चुकी थी. दमकल विभाग के प्रवक्ता का कहना है, "हमारे लिए यह बिल्कुल नाटकीय और असाधारण स्थिति थी." बोखुम के मेयर हालात का जायजा लेने के लिए सुबह ही वहां पहुंच गए थे.
कचरे में आग और लड़ाई झगड़े
जर्मन प्रसारक डब्ल्यूडीआर के रिपोर्टर से बातचीत में स्थानीय लोगों ने बताया कि इस इमारत में पहले भी इस तरह की कई समस्याएं हुई थीं. उनका कहना है कि कचरे में आग लगने और लड़ाई झगड़े की घटनाएं पहले भी देखी गई हैं. कहा जा रहा है कि मकान मालिक
ने ऐसी घटनाओं से तंग आकर दो महीने पहले एक सिक्योरिटी फर्म को भी काम पर लगाया गया था. हालांकि पड़ोसियों के मुताबिक एक महीने पहले सिक्योरिटी फर्म वहां से हट गई थी. अब तक इस घटना की मूल वजह का पता नहीं चल सका है.


