संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद आज करेगी आपात बैठक, मादुरो गिरफ्तारी पर वैश्विक चिंता
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के एक दिन बाद रविवार को अमेरिका के अधिकारियों ने यहां एक हिरासत केंद्र में मादुरो से पूछताछ शुरू की

ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने संयम की अपील, अंतरराष्ट्रीय कानून के पालन पर जोर
- चीन, फ्रांस, रूस और ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा, संप्रभुता उल्लंघन का आरोप
- ट्रम्प को घरेलू मोर्चे पर आलोचना, कमला हैरिस और न्यूयॉर्क मेयर ने कार्रवाई को गैरकानूनी बताया
न्यूयॉर्क। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के एक दिन बाद रविवार को अमेरिका के अधिकारियों ने यहां एक हिरासत केंद्र में मादुरो से पूछताछ शुरू की।
अमेरिका द्वारा जारी एक वीडियो में हथकड़ी पहने मादुरो को हिरासत में ले जाते समय अपराधी की तरह परेड" करते हुए देखा गया। अमेरिकी मीडिया ने बाद में कहा कि मादुरो को आज न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर (एमडीसी) ले जाया गया , जहां उनसे ड्रग-तस्करी के आरोपों पर पूछताछ की जा रही है।
गौरतलब है कि अमेरिका ने शनिवार को एक ऑपरेशन शुरू किया तथा मादुरो और उनकी पत्नी को काराकास में सुरक्षित आवास से गिरफ्तार कर लिया।
इस बीच यूएनएससी ने मादुरो की गिरफ्तारी से जुड़े घटनाक्रमों पर कल आपात बैठक करने का फैसला किया है।
वेनेजुएला के इस घटनाक्रम पर विश्व भर के नेताओं ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीस ने कहा कि उनकी सरकार घटनाक्रमों पर नज़र रख रही है। उन्होंने संयम बरतने का आग्रह किया।
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने कीर स्टारमर ने टिप्पणी की कि उनका देश सामने आ रही स्थिति पर स्पष्टता चाहता है।उन्होंने कहा, "मैं पहले तथ्यों का पता लगाना चाहता हूं। मैं डोनाल्ड ट्रम्प और अपने सहयोगियों से बात करना चाहता हूं। हम मानते हैं कि अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन किया जाना चाहिए।"
इज़राइल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑपरेशन का स्वागत किया, और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को "स्वतंत्रता और न्याय की ओर से साहसी और ऐतिहासिक नेतृत्व" के लिए बधाई दी।
जर्मनी ने सभी पक्षों से इस बात पर ज़ोर देते हुए तनाव बढ़ाने से बचने का आह्वान किया कि अंतर्राष्ट्रीय कानून का सम्मान किया जाना चाहिए तथा वेनेजुएला के लोग शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक भविष्य के हकदार हैं।
चीनी विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि वह बल के प्रयोग से गहरे सदमे में है।
फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट ने कहा कि मादुरो की गिरफ्तारी बल के गैर-उपयोग के सिद्धांत का उल्लंघन करती है जो अंतर्राष्ट्रीय कानून का आधार है।
रूस ने इस ऑपरेशन की निंदा करते हुए इसे वेनेजुएला के खिलाफ सशस्त्र हमला बताया तथा चेतावनी दी कि वैचारिक दुश्मनी ने कूटनीति को खत्म कर दिया है। उन्होंने और आगे तनाव बढ़ने से रोकने के लिए बातचीत का आह्वान किया।
ईरान ने इस ऑपरेशन को वेनेजुएला की संप्रभुता का घोर उल्लंघन बताते हुए निंदा की और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया ताकि जिसे उसने गैरकानूनी हमला बताया, उसे रोका जा सके।
दूसरी तरफ श्री ट्रम्प को घरेलू मोर्चे पर भी आलोचना का सामना करना पड़ा। पूर्व अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने वेनेजुएला में सैन्य कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए इसे गैरकानूनी और नासमझी भरा बताया।
न्यूयॉर्क शहर के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने अमेरिकी ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व को युद्ध का कार्य और अंतरराष्ट्रीय और संघीय कानून का उल्लंघन बताया।


