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नेपाल में नई पीढ़ी की दस्तक, 26 साल की रुबी ठाकुर बनीं सबसे युवा डिप्टी स्पीकर

नेपाल की राजनीति में नई पीढ़ी की मजबूत एंट्री देखने को मिली है। 26 वर्षीय रुबी कुमारी ठाकुर को शुक्रवार को प्रतिनिधि सभा का उपसभामुख (डिप्टी स्पीकर) चुना गया

नेपाल में नई पीढ़ी की दस्तक, 26 साल की रुबी ठाकुर बनीं सबसे युवा डिप्टी स्पीकर
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काठमांडू। नेपाल की राजनीति में नई पीढ़ी की मजबूत एंट्री देखने को मिली है। 26 वर्षीय रुबी कुमारी ठाकुर को शुक्रवार को प्रतिनिधि सभा का उपसभामुख (डिप्टी स्पीकर) चुना गया। वह इस पद पर पहुंचने वाली देश की अब तक की सबसे युवा नेता बन गई हैं।

रुबी ठाकुर को श्रम संस्कृति पार्टी के कोटे से निर्वाचित सांसद के रूप में यह जिम्मेदारी मिली है। उन्हें राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) समेत कई दलों का समर्थन मिला। सदन में आरएसपी के पास लगभग दो-तिहाई बहुमत होने के कारण उनकी जीत आसान हो गई।

256 सांसदों की मौजूदगी में हुए मतदान में रुबी ठाकुर को 229 वोट मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी सरस्वती लामा (राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी) को सिर्फ 5 वोट हासिल हुए। इस दौरान 22 सांसदों ने मतदान में हिस्सा नहीं लिया।

नेपाल के संविधान के अनुसार, प्रतिनिधि सभा में सभामुख और उपसभामुख में से एक पद पर महिला का होना अनिवार्य है और दोनों पद अलग-अलग दलों के पास होने चाहिए। इससे पहले 4 अप्रैल को राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता डोल प्रसाद अर्याल को निर्विरोध सभामुख चुना गया था।

रुबी ठाकुर का जीवन संघर्ष और मेहनत की मिसाल है। उनका जन्म वर्ष 2000 में धनुषा जिले के मुजेलिया में हुआ। उनके पिता सोगरथ ठाकुर सऊदी अरब में प्रवासी मजदूर के रूप में काम करते हैं और फिलहाल छुट्टी पर घर आए हुए हैं। छह भाई-बहनों में रुबी भी एक हैं।

उन्होंने 10वीं पास करने के बाद धनुषा के बलरा पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग से जुड़ा तीन वर्षीय डिप्लोमा किया। इसके बाद उन्होंने एक आर्किटेक्चर कंसल्टेंसी फर्म में करीब सात महीने तक काम किया, जहां से मिली आय का एक हिस्सा वह परिवार को भेजती थीं।

राजनीति में उनकी एंट्री भी दिलचस्प रही। वह धरान के पूर्व मेयर हर्क सम्पांग की गतिविधियों से प्रेरित हुईं, जिन्होंने श्रम शक्ति पार्टी की स्थापना की थी। उनकी विचारधारा से प्रभावित होकर रुबी सक्रिय राजनीति में आईं।

5 मार्च को हुए चुनाव में हर्क सम्पांग ने उन्हें मधेसी क्लस्टर से समानुपातिक प्रतिनिधित्व के तहत उम्मीदवार बनाया, जहां से वह जीतकर संसद पहुंचीं और अब उपसभामुख के पद तक का सफर तय किया।

रुबी ठाकुर की यह उपलब्धि नेपाल की राजनीति में युवा नेतृत्व और सामाजिक बदलाव की दिशा में एक अहम संकेत मानी जा रही है।


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