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ट्रंप के अनुरोध पर लेबनान में अस्थायी युद्धविराम, नेतन्याहू ने दी मंजूरी

इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर लेबनान में अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है

ट्रंप के अनुरोध पर लेबनान में अस्थायी युद्धविराम, नेतन्याहू ने दी मंजूरी
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‘ऐतिहासिक उपलब्धियां’ का दावा, इज़रायल ने उत्तरी सीमा पर बनाया सुरक्षा बफर ज़ोन

  • नेतन्याहू बोले- ‘हिजबुल्लाह के 90% मिसाइल भंडार नष्ट, नसरल्लाह मारा गया’
  • 43 साल बाद इज़रायल-लेबनान प्रतिनिधियों की सीधी बातचीत, शांति की ओर शुरुआती कदम
  • ‘एक हाथ हथियार, दूसरा शांति के लिए बढ़ा’: नेतन्याहू का संतुलन संदेश

यरुशलम। इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शुक्रवार को कहा कि डोनाल्ड ट्रंप के अनुरोध पर लेबनान में अस्थायी युद्धविराम पर सहमति बनी है, ताकि वहां की सरकार के साथ एक संयुक्त कूटनीतिक और सैन्य समाधान को आगे बढ़ाने का मौका मिल सके।

नेतन्याहू ने कहा कि उत्तरी मोर्चे पर इज़रायल ने “ऐतिहासिक उपलब्धियां” हासिल की हैं। उन्होंने बताया कि लेबनान की ओर से दो तरह के खतरे थेज एक नजदीकी और दूसरा दूर का।

नजदीकी खतरे में आतंकियों की घुसपैठ और सीमावर्ती इलाकों पर एंटी-टैंक हमले शामिल थे, जबकि दूर का खतरा हिजबुल्लाह द्वारा वर्षों में तैयार किए गए करीब 1.5 लाख मिसाइल और रॉकेट थे, जिनका लक्ष्य इज़राइल के शहरों को निशाना बनाना था।

नेतन्याहू ने दावा किया कि इज़राइल ने इन दोनों खतरों को काफी हद तक समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि पहली बार पूरे उत्तरी सीमा क्षेत्र में एक गहरी सुरक्षा बफर ज़ोन बनाई गई है, जो माउंट हर्मोन, गोलान हाइट्स और यरमूक तक फैली हुई है।

उन्होंने बताया कि इस बफर ज़ोन के जरिए घुसपैठ और एंटी-टैंक हमलों जैसे नजदीकी खतरों को पूरी तरह नियंत्रित किया गया है और इज़राइली सेना ‘येलो लाइन’ पर तैनात रहकर सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है।

दूर के खतरे पर बोलते हुए नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह के 90 प्रतिशत मिसाइल और रॉकेट भंडार को नष्ट कर दिया गया है। उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन के शीर्ष नेता हसन नसरल्लाह को मार गिराया गया है और हजारों आतंकियों को खत्म किया गया है।

हालांकि उन्होंने माना कि अभियान अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और शेष रॉकेट व ड्रोन खतरे से निपटने के लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

नेतन्याहू ने कहा कि हिजबुल्लाह को पूरी तरह खत्म करना एक दीर्घकालिक लक्ष्य है, जिसके लिए धैर्य, निरंतर प्रयास और कूटनीतिक संतुलन की जरूरत होगी।

उन्होंने यह भी बताया कि 43 वर्षों में पहली बार इज़रायल और लेबनान के प्रतिनिधि सीधे बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने इसे शांति की दिशा में एक शुरुआती कदम बताया, हालांकि कहा कि शांति का रास्ता अभी लंबा है।

नेतन्याहू ने कहा, “हमारा एक हाथ हथियार पकड़े हुए है, जबकि दूसरा हाथ शांति के लिए बढ़ा हुआ है। किसी भी तरह हम अपने उत्तरी क्षेत्रों के नागरिकों की सुरक्षा बहाल करेंगे।”


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