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युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजरायल ने 80,000 से ज्यादा नागरिक स्थानों पर हमले किए: ईरानी अधिकारी

ईरान रेड क्रेसेंट सोसायटी के अध्यक्ष पीरहुसैन कोलिवंद ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपनी “आक्रामक कार्रवाई” की शुरुआत से अब तक 80,000 से ज्यादा नागरिक स्थानों पर हमले किए हैं

युद्ध शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजरायल ने 80,000 से ज्यादा नागरिक स्थानों पर हमले किए: ईरानी अधिकारी
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तेहरान। ईरान रेड क्रेसेंट सोसायटी के अध्यक्ष पीरहुसैन कोलिवंद ने कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ अपनी “आक्रामक कार्रवाई” की शुरुआत से अब तक 80,000 से ज्यादा नागरिक स्थानों पर हमले किए हैं।

उन्होंने यह बात विदेशी मीडिया प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कही। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, इस दौरान उन्होंने अमेरिका और इजरायल के हमलों में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के उल्लंघन को भी उजागर किया।

कोलिवंद के मुताबिक, जिन जगहों पर हमले हुए हैं, उनमें से 20,000 से ज्यादा स्थान तेहरान में हैं, जबकि 60,000 से अधिक अन्य इलाकों में हैं।

उन्होंने बताया कि देश में करीब 18,790 व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया है। इसके अलावा 266 मेडिकल सेंटर और 498 स्कूलों पर भी हमले हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों में ईरान के 12 स्वास्थ्यकर्मियों की मौत हुई है और 90 से ज्यादा घायल हुए हैं।

कोलिवंद के अनुसार, युद्ध की शुरुआत से अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बच्चे और 231 महिलाएं भी शामिल हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि इस युद्ध में अब तक 1,500 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं।

इसी बीच, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया है कि उसने देश के मध्य हवाई क्षेत्र में इजरायल के एफ-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, तेहरान की सेना ने तेल अवीव के पास बेन गुरियन एयरपोर्ट पर सैन्य विमानों के ईंधन टैंकों पर भी हमला किया है।

ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी ने चेतावनी दी है कि अगर संयुक्त अरब अमीरात के क्षेत्र से दक्षिणी ईरानी द्वीपों पर हमले दोहराए गए, तो रास अल-खैमाह पर भी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा, “जैसा कि हम पहले भी कह चुके हैं और करके दिखाया है, हम अपने देश और संप्रभुता पर होने वाले हर हमले का जवाब उसी जगह पर देंगे, जहां से हमला हुआ है।”

गौरतलब है कि 28 फरवरी को इजरायल और अमेरिका ने मिलकर तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर हमला किया था। इस हमले में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और आम नागरिक मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल और मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।


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