यूक्रेन पर रूस के हमले जारी, शॉपिंग मॉल के पास ड्रोन से किया हमला, पांच की मौत
यूक्रेन के पाव्हलोग्राद में शॉपिंग मॉल के पास रूसी ड्रोन हमले में 5 लोगों की मौत और 8 बच्चों समेत 67 लोग घायल हुए। राष्ट्रपति जेलेंस्की ने हमले की कड़ी निंदा की।

कीव। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने बताया कि रूस ने पावलोहराद में ड्रोन हमले कर कम से कम पांच लोगों की जान ले ली और 67 लोग घायल हो गए। यूक्रेनी मंत्री ने कहा कि शॉपिंग मॉल के पास दिनदहाड़े नागरिकों को निशाना बनाया गया, जो नागरिकों के खिलाफ जानबूझकर किया गया आतंक है।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट पर लिखा, ''रूस ने पावलोहराद में ड्रोन हमले करके पांच लोगों की जान ले ली। हमलों में 67 लोग घायल हुए हैं। दिनदहाड़े ड्रोन हमलों में शॉपिंग मॉल के पास मौजूद आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। इसे नागरिकों के खिलाफ जानबूझकर किया गया आतंक फैलाने वाला हमला बताया गया है।''
सिबिहा ने कहा कि रूस लगातार उन जगहों पर हमले कर रहा है, जहां उसे पता है कि लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी के कामों में व्यस्त होंगे। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाना, डर फैलाना और यूक्रेनी समाज पर दबाव बनाना है।
उन्होंने बताया कि पूरे यूक्रेन में हवाई हमलों की चेतावनियां लगातार जारी हैं। रूस लगातार बड़ी संख्या में ड्रोन लॉन्च कर रहा है और कुछ मामलों में तो सीधे उत्पादन केंद्रों से ही उन्हें भेजा जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि मॉस्को ऐसा इसलिए कर पा रहा है क्योंकि उसके पास अभी भी मिसाइलें, ड्रोन, उनके पुर्जे, पर्याप्त धन और बिना किसी डर के कार्रवाई करने की क्षमता मौजूद है।
सिबिहा ने इस रणनीति को दबाव बनाने की नीति बताया। रूस का मानना है कि नागरिक क्षेत्रों पर लगातार हमले करके यूक्रेन के लोगों को थकाया जा सकता है और यूक्रेन को समझौते करने के लिए मजबूर किया जा सकता है।
सिबिहा ने कहा कि यूक्रेन को तुरंत अतिरिक्त एयर डिफेंस सिस्टम और उन्हें चलाने के लिए जरूरी इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत है। साथ ही रूस के हथियार निर्माण उद्योग और उसे चलाने वाली आपूर्ति श्रृंखलाओं (सप्लाई चेन) पर और सख्त प्रतिबंध लगाए जाने चाहिए। उन आय स्रोतों को भी रोकने की मांग की गई है जिनसे रूस इन सैन्य गतिविधियों के लिए धन जुटाता है।
उन्होंने कहा कि आज यूक्रेन में बजने वाली हवाई हमले की चेतावनी दुनिया के सभी सहयोगी देशों की राजधानियों तक पहले से ज्यादा जोर से सुनाई देनी चाहिए।
अब सिर्फ चिंता जताने और लंबी चर्चा करने का समय नहीं है। इस तरह के हमलों को रोकने वाले हथियार और रूस की युद्ध क्षमता को कमजोर करने वाले फैसले भी लिए जाने चाहिए। जरूरत इस बात की है कि ये कदम तुरंत उठाए जाएं।
अंत में कहा गया है कि यूक्रेन पर दबाव बनाने के लिए नागरिकों की हत्या जैसी रणनीति अपनाने पर रूस को किसी तरह का फायदा नहीं मिलना चाहिए। इसके बजाय उसके पास ऐसे हमले जारी रखने के साधनों को खत्म किया जाना चाहिए।


