Top
Begin typing your search above and press return to search.

अमेरिकी बैंकों के जरिए ईरान से जुड़े अरबों डॉलर का लेनदेन, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा

अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से जुड़े अरबों डॉलर हर साल अमेरिकी बैंकों के खातों के जरिए गुजर रहे हैं। यह दावा द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक जांच रिपोर्ट में किया गया है।

अमेरिकी बैंकों के जरिए ईरान से जुड़े अरबों डॉलर का लेनदेन, रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
X

वॉशिंगटन। अमेरिका द्वारा लगाए गए कड़े आर्थिक प्रतिबंधों के बावजूद ईरान से जुड़े अरबों डॉलर हर साल अमेरिकी बैंकों के खातों के जरिए गुजर रहे हैं। यह दावा द वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक जांच रिपोर्ट में किया गया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान विदेशी बैंकों के माध्यम से अमेरिकी वित्तीय प्रणाली तक अप्रत्यक्ष पहुंच बना रहा है। इसके लिए वह कॉरेस्पॉन्डेंट बैंकिंग व्यवस्था का इस्तेमाल करता है, जिसके जरिए ऐसे विदेशी बैंक सीमा पार डॉलर में लेनदेन करते हैं जिनकी अमेरिका में सीधे मौजूदगी नहीं होती।

जांच में कहा गया है कि ईरानी संस्थाएं अपनी पहचान छिपाने के लिए फ्रंट कंपनियों, करेंसी एक्सचेंज और चीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) समेत अन्य देशों में मौजूद कारोबारी साझेदारों का सहारा लेती हैं। इसके बाद विदेशी बैंक अपने अमेरिकी साझेदार बैंकों के जरिए डॉलर में लेनदेन करते हैं, लेकिन इनमें ईरान का संबंध उजागर नहीं किया जाता।

रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी वित्त मंत्रालय (ट्रेजरी डिपार्टमेंट) ने वर्ष 2024 के दौरान करीब 9 अरब डॉलर की ऐसी राशि की पहचान की, जिसका संबंध ईरान से था और जो अमेरिकी बैंकों के जरिए गुजरी।

यह खुलासा ऐसे समय में सामने आया है जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन ईरान पर सैन्य और आर्थिक दबाव बढ़ाने की नीति पर काम कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि इससे अमेरिकी प्रतिबंध प्रणाली में मौजूद खामियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

28 अगस्त को अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने मिस्र के सरकारी बैंक बैंक मिस्र की यूएई शाखा को अमेरिकी कॉरेस्पॉन्डेंट बैंकिंग सेवाओं से बाहर करने का प्रस्ताव रखा। विभाग ने इस शाखा को "मनी लॉन्ड्रिंग के लिए प्रमुख चिंता वाला वित्तीय संस्थान" करार दिया।

अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इस शाखा ने ईरान के कथित शैडो बैंकिंग नेटवर्क से जुड़ी कंपनियों के लिए लगभग 1.8 अरब डॉलर अमेरिकी कॉरेस्पॉन्डेंट खातों के जरिए ट्रांसफर किए।

ट्रेजरी विभाग ने बताया कि बैंक मिस्र की यूएई शाखा के डॉलर खाते तीन अमेरिकी बैंकों में थे, हालांकि उनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए। बैंक की वेबसाइट पर जेपी मॉर्गन चेज और सिटीग्रुप को उसके कॉरेस्पॉन्डेंट बैंकिंग साझेदारों में शामिल बताया गया है। दोनों बैंकों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार किया।

ट्रेजरी विभाग की यह कार्रवाई ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत की गई है। इसका उद्देश्य ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय नेटवर्क तक पहुंच खत्म करना और प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले विदेशी वित्तीय संस्थानों पर कार्रवाई करना है।

अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा, "हमने साफ कर दिया है कि ईरान की मदद करने वाले संस्थान अमेरिकी डॉलर और वैश्विक वित्तीय प्रणाली तक पहुंच बनाए नहीं रख सकते।"

अमेरिकी ट्रेजरी ने बैंकों को ईरान द्वारा प्रतिबंधों से बचने के कुछ संकेतकों के बारे में भी चेतावनी दी है। इनमें अस्पष्ट स्वामित्व वाली कंपनियां, हांगकांग में पंजीकृत लेकिन चीनी बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाली फर्में और यूएई में मौजूद ऐसी कंपनियां शामिल हैं जिनकी व्यावसायिक गतिविधियां स्पष्ट नहीं हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने डॉलर पर निर्भरता कम करने के लिए चीनी युआन और क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल बढ़ाया है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय व्यापार, तकनीक की खरीद और कुछ सैन्य कार्यक्रमों से जुड़े उपकरण हासिल करने के लिए उसे अब भी डॉलर आधारित लेनदेन की जरूरत पड़ती है।

अमेरिकी कानून के तहत अमेरिकी नागरिकों और संस्थानों को प्रतिबंधित ईरानी संस्थाओं के साथ वित्तीय लेनदेन की अनुमति नहीं है। साथ ही, अमेरिका ने विदेशी बैंकों और कंपनियों को भी चेतावनी दी है कि यदि वे जानबूझकर ईरान को प्रतिबंधों से बचने में मदद करेंगे तो उन्हें अमेरिकी वित्तीय प्रणाली से बाहर किया जा सकता है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it