कतर ईरान से भी खतरनाक : नफ़ताली बेनेट का बड़ा बयान
इज़रायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ़ताली बेनेट ने कतर को ईरान से भी "ज़्यादा खतरनाक" बताते हुए उसे यहूदी देश के अस्तित्व के लिए एक और संभावित खतरा करार दिया है

अल-जज़ीरा को बताया ज़हरीला कैंसर : इज़रायल के खिलाफ़ काम करने का आरोप
- कतर को राष्ट्रीय दुश्मन घोषित करने का वादा : चुनाव जीतने पर बेनेट का संकल्प
- इज़रायली नेताओं पर पैसे लेने का आरोप : कतर की छवि सुधारने के लिए जनसंपर्क अभियान
- यरूशलम की नीतियों पर नाराज़गी : बेनेट बोले, "माफ़ न करने लायक गलती"
यरूशलम। इज़रायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ़ताली बेनेट ने कतर को ईरान से भी "ज़्यादा खतरनाक" बताते हुए उसे यहूदी देश के अस्तित्व के लिए एक और संभावित खतरा करार दिया है।
'बेयाहाद' पार्टी के नेता और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बेनेट ने चैनल 12 को दिए एक साक्षात्कार में कहा, "ईरान के मामले में तो हर कोई जानता है कि वह कहता है, 'हम इज़रायल को बर्बाद कर देंगे।'"
उन्होंने कहा कि कतर हालांकि, "कहीं ज़्यादा खतरनाक देश" है। उन्होंने बताया कि दोहा ने "सात अक्टूबर के नुखबा आतंकवादियों को फंड दिया... कतर अल-जज़ीरा चलाता है, जो हमें नुकसान पहुँचाने वाला सबसे ज़हरीला कैंसर है... कतर अमेरिकी विश्वविद्यालयों में प्रभावशाली जगहों तक पहुँच रखता है और सबसे अहम बात इज़रायल की सुरक्षा के लिए सबसे पवित्र जगह यानी इज़रायल के प्रधानमंत्री के कार्यालय तक उसकी पहुँच है।"
यह बात प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के पूर्व और मौजूदा सहयोगियों (जिनमें वरिष्ठ सहयोगी जोनाथन उरिच भी शामिल हैं) की ओर इशारा करती है। उन पर आरोप है कि उन्होंने सात अक्टूबर, 2023 को हमास के आतंकी हमले के एक साल बाद खाड़ी देश की सकारात्मक छवि बनाने के लिए जनसंपर्क अभियान चलाने के बदले पैसे लिए थे।
श्री बेनेट ने कहा कि कतर इज़रायल के खिलाफ़ सक्रिय रूप से काम कर रहा है और "हमें अंदर से ज़हर दे रहा है।" उन्होंने नाराज़गी जताते हुए कहा कि यरूशलम कतर को राष्ट्रीय दुश्मन नहीं मानता, जबकि वह देश को नुकसान पहुँचाने की कोशिश करने वाले गुटों का लगातार समर्थन करता रहा है।
उन्होंने समाचार एजेंसी से कहा, "आज के कानून के मुताबिक, कोई भी कतर के लिए काम कर सकता है। आप कतर के एजेंट हो सकते हैं।" "इज़रायल के सबसे खतरनाक दुश्मन को 'दुश्मन (देश)' के तौर पर परिभाषित नहीं किया गया है।"
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कई इज़रायली कतर से पैसे ले रहे हैं और कतर के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए अंदरूनी तौर पर काम कर रहे हैं। "इज़रायल में ऐसे रिसर्च इंस्टीट्यूट हैं, इन्फ्लुएंसर हैं और शायद अधिकारी भी हैं जो कतर से पैसे ले रहे हैं।"
उन्होंने वादा किया कि अगर वे 27 अक्टूबर को होने वाले चुनाव में प्रधानमंत्री चुने जाते हैं, तो वे कतर को औपचारिक रूप से "दुश्मन" घोषित करेंगे। उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि ऐसा अभी तक न होना "माफ़ न करने लायक" बात है।


