जर्मनी के एकीकरण दिवस पर राष्ट्रपति की चेतावनी
जर्मन एकीकरण दिवस पर राष्ट्रपति फ्रांक-वाल्टर श्टाइनमायर ने लोकतंत्र और सामाजिक ध्रुवीकरण पर देश को चेतावनी दी.

जर्मनी ने शनिवार को एकीकरण दिवस के अवसर पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए. ब्रेमेन में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति फ्रांक-वाल्टर श्टाइनमायर ने देश को अहम मुद्दों पर चेताया.
जर्मनीने शनिवार को एकीकरण दिवस के अवसर पर देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए. ब्रेमेन में आयोजित मुख्य समारोह में राष्ट्रपति फ्रांक-वाल्टर श्टाइनमायर ने कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बदनाम करने और समाज में ध्रुवीकरण बढ़ाने की प्रवृत्ति देश की आंतरिक एकता के लिए खतरा है.
जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रांक-वाल्टर श्टाइनमायर ने देश के एकीकरण दिवस के अवसर पर लोकतंत्र की मजबूती और राष्ट्रीय एकता की रक्षा का आह्वान किया. शनिवार को ब्रेमेन में आयोजित राष्ट्रीय समारोह में उन्होंने चेतावनी दी कि जर्मनी मेंचरमपंथी ताकतों का बढ़ता प्रभाव और सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा झूठ और दुष्प्रचार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन रहा है.
श्टाइनमायर ने कहा कि राजनीतिक चरमपंथियों की भड़काऊ भाषा और विभाजनकारी राजनीति केवल स्वतंत्रता और लोकतंत्र को ही नहीं, बल्कि देश की आंतरिक एकता को भी खतरे में डाल रही है. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाना चाहिए.
एक जर्मनी का जश्न
जर्मनी हर साल 3 अक्टूबर को एकीकरण दिवस मनाता है. यह दिन 1990 में पूर्वी जर्मनी के पांच राज्यों के संघीय जर्मनी गणराज्य में शामिल होने की याद में मनाया जाता है. इसी के साथ दूसरे विश्व युद्ध के बाद पूर्व और पश्चिम जर्मनी के बीच चला लंबा विभाजन औपचारिक रूप से समाप्त हुआ था.
इस साल राष्ट्रीय समारोहों की मेजबानी ब्रेमेन कर रहा है. यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब हाल के राज्य और स्थानीय चुनावों में धुर दक्षिणपंथी और धुर वामपंथी समूहों को भारी समर्थन मिला है. श्टाइनमायर ने कहा कि रीयूनिफिकेशन के लगभग चार दशक बाद भी समाज के एक बड़े हिस्से में राजनीतिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास दिखाई देता है.
उन्होंने कहा कि हर वोट महत्वपूर्ण है और उसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने इस बात पर चिंता जताई कि मतदाताओं का एक बड़ा वर्ग अपने मतदान के जरिए गणराज्य के कुछ बुनियादी फैसलों से दूरी बनाता दिख रहा है. राष्ट्रपति ने लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को बदनाम करने, जनमत के कट्टरपंथीकरण और समझौते की राजनीति को कमजोर करने की प्रवृत्ति को चेतावनी के संकेत बताया.
श्टाइनमायर ने कहा कि उन्हें लगता था कि इतिहास से सभी ने सबक सीख लिया है, लेकिन वह इस बात से दुखी हैं कि कुछ अति-दक्षिणपंथी समूह होलोकॉस्ट पीड़ितों की स्मृति को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं.
शनिवार के मुख्य समारोह की शुरुआत एक चर्च में प्रार्थनाओं से हुई. ब्रेमेन कैथेड्रल में आयोजित इस कार्यक्रम में करीब एक हजार विशिष्ट अतिथि शामिल हुए. इनमें राष्ट्रपति श्टाइनमायर, चांसलर फ्रीडरिष मैर्त्स और जर्मनी की संसद बुंडेस्टाग की अध्यक्ष यूलिया क्लॉकनर प्रमुख थे.
ताकत का नया अर्थ
चर्च में सर्विस का मुख्य विषय "ताकत" था, जो इस साल के एकीकरण दिवस के नारे "कई ताकतें, एक देश" से जुड़ा हुआ था. उपदेश में ब्रेमेन के प्रसिद्ध लोककथा पात्रों "टाउन म्यूजिशियंस ऑफ ब्रेमेन" का जिक्र किया गया. ब्रेमेन इवेंजेलिकल चर्च के अध्यक्ष बेर्न्ड कुश्नेरुस ने कहा कि अलग-अलग विशेषताओं वाले पात्र जब साथ आते हैं, तभी अपनी वास्तविक ताकत को पहचानते हैं. उन्होंने कहा, "हम अकेले कहीं नहीं पहुंच सकते."
ओस्नाब्रुक के बिशप डोमिनिकुस मायर ने भी इसी कहानी का जिक्र करते हुए कहा कि परिवर्तन के समय में सहयोग और एकजुटता जरूरी होती है. उन्होंने कहा कि आज भी लोग असुरक्षा, असहायता और सामाजिक रूप से अलग-थलग होने जैसे हालात का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा, "ऐसे लोगों को अकेला नहीं छोड़ा जाना चाहिए. एकता और सामाजिक जुड़ाव तभी कायम रह सकते हैं जब लोग पूरे विश्वास और ईमानदारी के साथ विभाजन और ध्रुवीकरण का विरोध करें."
कई पूर्वी जर्मन नागरिकों का मानना है कि राष्ट्रीय संस्थानों में उन्हें पर्याप्त प्रभाव या मान्यता नहीं मिली है. पुनर्एकीकरण के बाद हुए आर्थिक बदलावों का असर आज भी देश के पूर्वी हिस्से में महसूस किया जाता है.
ब्रेमेन में आयोजित सार्वजनिक उत्सव में 4 लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है. शहर के केंद्र में बड़ी संख्या में मंच और प्रदर्शनी स्टॉल लगाए गए हैं. रविवार तक चलने वाले इस आयोजन के दौरान लगभग 800 कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुफ्त संगीत कार्यक्रम, चर्चाएं और प्रदर्शनियां शामिल हैं.


