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होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में भागीदारी जरूरी, हमसे ज्‍यादा दुन‍िया को जलमार्ग की जरूरत: पीट हेगसेथ

संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से कहा कि वे होर्मुज स्‍ट्रेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी में और ज्यादा हिस्सा लें

होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा में भागीदारी जरूरी, हमसे ज्‍यादा दुन‍िया को जलमार्ग की जरूरत: पीट हेगसेथ
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वॉशिंगटन। संयुक्त राज्य अमेरिका ने मंगलवार को अपने सहयोगी देशों से कहा कि वे होर्मुज स्‍ट्रेट की सुरक्षा की जिम्मेदारी में और ज्यादा हिस्सा लें। यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है, जहां से बड़े पैमाने पर जहाजों का आना-जाना होता है।

अमेरिकी वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ ने कहा कि वॉशिंगटन उम्मीद करता है कि उसके साथी देश समुद्री सुरक्षा में योगदान देंगे, जबकि अमेरिकी सेना फिलहाल इस इलाके में चल रहे नए मिशन का नेतृत्व कर रही है, ताकि ईरान की धमकियों से व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा की जा सके।

हेगसेथ ने कहा क‍ि इस जलमार्ग की जरूरत दुनिया को हमसे ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका पहले हालात को संभालने की कोशिश कर रहा है, ताकि बाद में जिम्मेदारी दूसरे देशों को सौंपी जा सके।

उन्होंने बताया कि अमेरिका जापान, ऑस्ट्रेलिया और यूरोप के देशों जैसे साझेदारों को ज्यादा भूमिका निभाने के लिए प्रेरित कर रहा है, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि जब तक वे आगे नहीं आते, तब तक अमेरिका इंतजार नहीं करेगा।

यह बात ऐसे समय आई है जब अमेरिका 'प्रोजेक्ट फ्रीडम' नाम का एक ऑपरेशन चला रहा है। इसका मकसद है कि होर्मुज स्‍ट्रेट से गुजरने वाले व्यापारिक जहाज सुरक्षित रहें, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में ईरान की तरफ से हमलों और रुकावटों की घटनाएं बढ़ी हैं।

जॉइंट चीफ्स के चेयरमैन एयर फोर्स जनरल डैन केन ने कहा कि ईरान ने हाल के समय में कई बार व्यापारिक जहाजों पर धमकी दी है और हमले किए हैं, ताकि समुद्री व्यापार को रोका जा सके और वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचे।

उन्होंने यह भी कहा कि इस जलमार्ग पर अभी भी दबाव बना हुआ है और ईरान की तरफ से छोटे स्तर के हमले जारी हैं, हालांकि अभी यह बड़े युद्ध की स्थिति तक नहीं पहुंचा है।

अमेरिका ने इस इलाके में 15,000 से ज्यादा सैनिकों को तैनात किया है, साथ ही नौसेना के युद्धपोत और हवाई संसाधन भी लगाए गए हैं, ताकि एक सुरक्षित मार्ग बनाया जा सके और जहाजों की आवाजाही बिना खतरे के हो सके।

अधिकारियों के मुताबिक, अब तक दो अमेरिकी झंडे वाले व्यापारिक जहाज इस रास्ते से सुरक्षा के साथ गुजर चुके हैं, और आने वाले दिनों में और जहाजों के गुजरने की उम्मीद है क्योंकि शिपिंग कंपनियों का भरोसा धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

हेगसेथ ने कहा कि यह मिशन अस्थायी है और इसका मकसद है कि धीरे-धीरे दुनिया के दूसरे देश भी इस जलमार्ग की सुरक्षा की जिम्मेदारी लें।

होर्मुज स्‍ट्रेट दुनिया के तेल परिवहन का एक बहुत बड़ा हिस्सा संभालता है, इसलिए यह उन सभी देशों के लिए बेहद अहम है जो ऊर्जा के लिए दूसरे देशों पर निर्भर हैं।


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