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पाकिस्तान: गिलगित-बाल्टिस्तान में बाढ़ से हालात बदतर, कई इलाके चौथे दिन भी देश से कटे

पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में अचानक आई बाढ़ और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के कारण कई इलाकों का सड़क संपर्क लगातार चौथे दिन भी बहाल नहीं हो सका है

पाकिस्तान: गिलगित-बाल्टिस्तान में बाढ़ से हालात बदतर, कई इलाके चौथे दिन भी देश से कटे
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान (पीओजीबी) में अचानक आई बाढ़ और ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड के कारण कई इलाकों का सड़क संपर्क लगातार चौथे दिन भी बहाल नहीं हो सका है। बाढ़ से राष्ट्रीय राजमार्गों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे राहत और बहाली कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सड़कें बंद होने से हजारों स्थानीय निवासी और पर्यटक विभिन्न घाटियों में फंस गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को पेयजल, बिजली और संचार सेवाओं की भी भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है।

गिलगित-बाल्टिस्तान आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के महानिदेशक अताउर रहमान काकर ने बताया कि 18 से 21 जुलाई के बीच क्षेत्र में रिकॉर्ड स्तर का तापमान दर्ज किया गया, जिससे ग्लेशियर तेजी से पिघले और कई स्थानों पर ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड की घटनाएं हुईं।

नगर जिले की हिस्पर घाटी के निवासियों ने बताया कि सड़क संपर्क टूटने से मरीजों और छात्रों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खाद्य सामग्री और दवाइयों का स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है, जबकि अन्य जरूरी सामान की भी कमी बढ़ती जा रही है।

वहीं, दियामेर, अस्तोर, घिजर और अन्य प्रभावित जिलों के लोगों ने भी बिजली और पानी की आपूर्ति बाधित होने के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं की कमी की शिकायत की है।

अस्तोर घाटी के लोगों ने प्रशासन पर राहत कार्यों की धीमी गति को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि घाटी का सड़क संपर्क पिछले तीन दिनों से पूरी तरह बाधित है, जिससे क्षेत्र लगभग अलग-थलग पड़ गया है।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भारी बारिश के कारण पाकिस्तान अधिकृत गिलगित-बाल्टिस्तान में अचानक आई बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई थी। गिलगित-बाल्टिस्तान आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, 13 जुलाई को दियामेर जिले में छह स्थानों पर फ्लैश फ्लड की घटनाएं दर्ज की गई थीं।

बाढ़ में कई मकान क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि काराकोरम हाईवे के कई हिस्सों को भी नुकसान पहुंचा। इसके अलावा फसलें, कृषि भूमि तथा सार्वजनिक और निजी संपत्तियां भी बुरी तरह प्रभावित हुईं।

थोरे घाटी में मुख्य सड़क कई स्थानों पर बह जाने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया। बिजली की ट्रांसमिशन लाइनें क्षतिग्रस्त होने और मलबा घरों में घुस जाने से हजारों लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

वहीं, खानबरी क्षेत्र में आई विनाशकारी बाढ़ में कई घर पूरी तरह बह गए। इसके साथ ही बड़ी संख्या में पशुधन के बह जाने की भी खबरें सामने आई हैं।


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