Top
Begin typing your search above and press return to search.

निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में कबूला जुर्म, हो सकती है 40 साल की सजा

खालिस्तानी अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया है

निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में कबूला जुर्म, हो सकती है 40 साल की सजा
X

पन्नू की हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग स्वीकार

  • 15,000 डॉलर में दी थी हत्या की सुपारी, जांच में खुलासा
  • भारत-अमेरिका संबंधों पर असर, 15 मई को होगी अंतिम सुनवाई

वॉशिंगटन/न्यूयॉर्क। खालिस्तानी अलगाववादी नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू की हत्या की साजिश में आरोपी भारतीय नागरिक निखिल गुप्ता ने अमेरिकी अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। शुक्रवार को मैनहट्टन की फेडरल कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान गुप्ता ने हत्या की साजिश और मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों को स्वीकार किया।

अमेरिकी अभियोजकों के अनुसार, गुप्ता ने भारत सरकार के एक अधिकारी के साथ मिलकर यह योजना बनाई थी। हालांकि भारत सरकार ने इस मामले से किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार करते हुए कहा है कि ऐसी गतिविधियां उसकी नीति के खिलाफ हैं।

54 वर्षीय गुप्ता ने मजिस्ट्रेट जज सारा नेटबर्न के सामने पेश होकर यह स्वीकारोक्ति की। अभियोजन पक्ष का कहना है कि दोषी पाए जाने पर गुप्ता को अधिकतम 40 साल की सजा हो सकती है। फिलहाल उनके वकीलों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

साजिश का खुलासा और गिरफ्तारी

यह मामला 2023 में सामने आया था, जब अमेरिकी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क सिटी में पन्नू की हत्या की कोशिश को नाकाम कर दिया। जांच में पता चला कि गुप्ता ने अमेरिका में एक व्यक्ति को 15,000 डॉलर नकद देकर हत्या की सुपारी दी थी। इसके बाद जून 2023 में उन्हें चेक गणराज्य से गिरफ्तार किया गया और जून 2024 में अमेरिका प्रत्यर्पित किया गया। तब गुप्ता ने खुद को निर्दोष बताया था।

पन्नू और गुप्ता कौन हैं

गुरपतवंत सिंह पन्नू अमेरिका और कनाडा के नागरिक हैं और प्रतिबंधित संगठन सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख हैं। भारत में उन्हें आतंकी घोषित किया गया है और उन पर खालिस्तान आंदोलन को बढ़ावा देने का आरोप है।

निखिल गुप्ता का नाम पहली बार नवंबर 2023 में चर्चा में आया, जब उन पर न्यूयॉर्क में भारतीय मूल के एक अमेरिकी नागरिक की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था।

कूटनीतिक असर

इस मामले ने भारत-अमेरिका और भारत-कनाडा संबंधों पर भी असर डाला है। अमेरिका ने भारत सरकार से जांच की मांग की थी, जबकि भारत ने किसी भी सरकारी संलिप्तता से इनकार किया। गुप्ता की सजा पर अंतिम सुनवाई 15 मई को होगी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it