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नेतन्याहू की गवाही दो महीने बाद फिर शुरू, भ्रष्टाचार के तीन मामले में सुनवाई जारी

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने तेल अवीव की एक अदालत में अपने आपराधिक मुकदमे में फिर से गवाही देना शुरू किया। ईरान के साथ युद्ध की वजह से यह गवाही दो महीने के बाद शुरू हुई है

नेतन्याहू की गवाही दो महीने बाद फिर शुरू, भ्रष्टाचार के तीन मामले में सुनवाई जारी
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बेजेक केस: नियम बदलकर कवरेज पाने का आरोप

  • 80वीं पेशी के बाद नेतन्याहू ने फिर दी सफाई
  • राष्ट्रपति से माफी की मांग, बड़ा असर संभव

जेरूसलम। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने मंगलवार को तेल अवीव की एक अदालत में अपने आपराधिक मुकदमे में फिर से गवाही देना शुरू किया। ईरान के साथ युद्ध की वजह से यह गवाही दो महीने के बाद शुरू हुई है।

नेतन्याहू पर तीन अलग-अलग भ्रष्टाचार के मामलों में आरोप लगे हैं। उन्हें सोमवार को फिर से गवाही देनी थी, लेकिन उनके वकील ने “सुरक्षा से जुड़ी व्यस्तताओं” का हवाला देते हुए तारीख आगे बढ़ाने की मांग की, जिसके बाद सुनवाई टाल दी गई।

मंगलवार की सुनवाई में सरकारी वकील येहुदित तिरोश ने केस 4,000 में पूछताछ जारी रखी। इस मामले में आरोप है कि नेतन्याहू ने उस समय बेजेक (इजरायल की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी) के मालिक शॉल एलोविच को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों में बदलाव किए। बदले में उन्हें न्यूज वेबसाइट पर अच्छा कवरेज मिला।

नेतन्याहू पर रिश्वत, धोखाधड़ी और भरोसा तोड़ने जैसे आरोप हैं, लेकिन वह सभी आरोपों से इनकार करते हैं।

इजरायल के अखबार हारेत्ज के मुताबिक, 24 फरवरी को नेतन्याहू की पिछली पेशी इस मुकदमे में उनकी 80वीं गवाही थी।

फरवरी के अंत में इजरायल और अमेरिका की ओर से ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के बाद देशभर में आपातकाल घोषित कर दिया गया था। इस दौरान कई संस्थान, बिजनेस और स्कूल बंद कर दिए गए थे। अदालतें भी “इमरजेंसी मोड” में काम कर रही थीं और सिर्फ जरूरी सुनवाई वीडियो के जरिए हो रही थी।

दो हफ्ते पहले हालात सामान्य हुए, लेकिन नेतन्याहू के वकील बार-बार गवाही टालने की मांग कर रहे हैं, यह कहते हुए कि उन्हें सुरक्षा से जुड़े अहम मामलों को संभालना पड़ रहा है।

नवंबर में नेतन्याहू ने राष्ट्रपति आइज़ैक हर्ज़ोग से माफी की मांग की थी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इसमें उनके वकील हदाद की तरफ से 111 पेज का आवेदन और नेतन्याहू का एक पत्र भी शामिल था।

द टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के अनुसार, इस आवेदन में हदाद ने लिखा कि अगर माफी दी जाती है, तो प्रधानमंत्री अपना पूरा समय और ऊर्जा देश को आगे बढ़ाने और मौजूदा चुनौतियों से निपटने में लगा सकेंगे। साथ ही इससे समाज में चल रहे मतभेद कम करने और देश को मजबूत बनाने में भी मदद मिलेगी।

राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार, न्याय मंत्रालय का माफी विभाग सभी संबंधित अधिकारियों की राय लेगा और फिर अपनी सिफारिश राष्ट्रपति के कानूनी सलाहकार को भेजेगा। राष्ट्रपति कार्यालय ने कहा कि यह एक असाधारण अनुरोध है और इसके बड़े असर हो सकते हैं। सभी राय मिलने के बाद राष्ट्रपति इस पर सोच-समझकर फैसला लेंगे।


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