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नेपाल बाढ़ : 149 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल सुरक्षित पहुंचे, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी जानकारी

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच भारत सरकार ने राहत की बड़ी खबर साझा की है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 149 भारतीय नागरिक 28 अगस्त को चीन से सीमा पार कर सुरक्षित नेपाल पहुंच गए हैं।

नेपाल बाढ़ : 149 भारतीय नागरिक चीन से नेपाल सुरक्षित पहुंचे, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने दी जानकारी
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नई दिल्ली। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और फ्लैश फ्लड के बीच भारत सरकार ने राहत की बड़ी खबर साझा की है। विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 149 भारतीय नागरिक 28 अगस्त को चीन से सीमा पार कर सुरक्षित नेपाल पहुंच गए हैं।

उन्होंने कहा कि नेपाल बाढ़ से प्रभावित भारतीय नागरिकों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और सुरक्षित निकाले गए लोगों की सूची भी साझा की गई है। रणधीर जायसवाल ने 149 लोगों के नामों की लिस्ट साझा की है, जिसमें वे लोग शामिल है, जो चीन का बॉर्डर पार करके नेपाल सुरक्षित पहुंच गए हैं।

84 लोगों को अब तक बचाया गया है। इसमें 21 लोग तमिलनाडु के रहने वाले हैं। 63 लोग वे थे, जो त्रिशूली प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। इसके अलावा 400 लोग सुरक्षित चीन पहुंच गए हैं, जिन्हें स्वदेश वापस लाने के लिए दूतावास सम्पर्क में है।

इसके साथ ही, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि अभी भी 320 लोगों से सम्पर्क नहीं हो पाया है।

इस बीच, नेपाल सरकार ने कैलाश मानसरोवर यात्रा से लौट रहे विदेशी श्रद्धालुओं को राहत देते हुए एक सप्ताह के लिए ट्रेकिंग शुल्क माफ कर दिया है। नेपाल के आव्रजन विभाग के अनुसार, यह छूट उन विदेशी यात्रियों पर लागू होगी, जिन्होंने पहले रसुवा स्थित आव्रजन कार्यालय से प्रस्थान अनुमति ली थी और अब हुम्ला जिले के हिल्सा सीमा बिंदु के रास्ते लौट रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि सामान्य परिस्थितियों में इस मार्ग से गुजरने के लिए प्रति व्यक्ति प्रति सप्ताह 50 अमेरिकी डॉलर का शुल्क लिया जाता है, लेकिन मौजूदा आपदा को देखते हुए इसे अस्थायी रूप से समाप्त कर दिया गया है।

इसके अलावा ट्रेकिंग गाइड साथ रखने की अनिवार्यता हटाई गई है। विदेशी यात्रियों और गाइडों के लिए बीमा संबंधी शर्तों में भी छूट दी गई है। नेपाल-चीन सीमा को जोड़ने वाला रसुवा-तिमुरे मार्ग हालिया बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है।

आपदा से पहले रसुवागढ़ी मार्ग कैलाश मानसरोवर यात्रा के प्रमुख रास्तों में से एक बन चुका था, लेकिन अब वहां आवागमन कठिन हो गया है। आव्रजन विभाग के अनुसार 26 अगस्त तक रसुवा कार्यालय से 93 लोगों को प्रस्थान अनुमति दी गई थी, जिनमें 32 भारतीय नागरिक शामिल थे।

नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार शुक्रवार शाम तक 579 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं। 1,924 लोग अब भी लापता हैं। राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन भारी तबाही और संपर्क व्यवस्था बाधित होने के कारण खोज अभियान में कई चुनौतियां आ रही हैं।


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