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ट्रंप की चेतावनी के बाद हमला, होर्मुज बंद करने की धमकी पर भड़का अमेरिका

अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए हैं। इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है।

ट्रंप की चेतावनी के बाद हमला, होर्मुज बंद करने की धमकी पर भड़का अमेरिका
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मिडिल ईस्ट में जंग तेज! अमेरिका ने दूसरे दिन भी ईरान को बनाया निशाना

  • ईरान-अमेरिका टकराव गहराया, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी दुनिया की चिंता

वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए हैं। इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार (वाशिंगटन टाइम) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, " अमेरिका, एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में स्वतंत्र रूप से आवाजाही कर रहे वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक चालक दल के खिलाफ हालिया अनुचित आक्रामक कार्रवाई के लिए ईरान को जवाबदेह ठहरा रहा है।

इससे पहले एक अन्य पोस्ट में कमांड ने कहा था कि बुधवार को अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत पूरे मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में गश्त कर रहे थे।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उसी दिन अंकारा में नाटो समिट में चेतावनी देने के बाद आया कि अमेरिकी सेना शायद ईरान पर फिर से हमला करेगी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मैं एक छोटी सी चेतावनी देता हूं, हम आज रात उन पर जोरदार हमला करेंगे।" उन्होंने कहा कि ईरान के साथ पूरी तरह से लड़ाई की उम्मीद नहीं है।

शिखर सम्मेलन में ट्रंप के बयान के बाद ईरान के प्रेस टीवी ने एक जानकार सूत्र के हवाले से दावा किया कि यदि अमेरिका ने कोई नया हमला किया, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा और दोगुने लक्ष्यों पर जवाबी हमला करेगा।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब मंगलवार रात से बुधवार तक अमेरिका और ईरान के बीच एक-दूसरे पर नए हमले हुए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया।

इस बीच, बुधवार रात ईरान के दक्षिणी होर्मोजगन प्रांत में कई धमाके सुने गए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए।

ईरानी मीडिया ने बताया कि धमाके बंदर अब्बास, केशम, सिरिक काउंटी और ईरानी आइलैंड अबू मूसा में सुने गए।

सरकारी आईआरआईबी न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी चाबहार काउंटी में भी तीन धमाके सुने गए, जिससे बंदर अब्बास में कुल आठ धमाके हो गए, जहां एयर डिफेंस सक्रिय हो गया है।

वाशिंगटन/तेहरान। अमेरिकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए हैं। इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में नौवहन की स्वतंत्रता को खतरे में डालने की ईरान की क्षमता को कमजोर करना है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार (वाशिंगटन टाइम) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, " अमेरिका, एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में स्वतंत्र रूप से आवाजाही कर रहे वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक चालक दल के खिलाफ हालिया अनुचित आक्रामक कार्रवाई के लिए ईरान को जवाबदेह ठहरा रहा है।

इससे पहले एक अन्य पोस्ट में कमांड ने कहा था कि बुधवार को अमेरिकी नौसेना के 20 से अधिक युद्धपोत पूरे मध्य पूर्व के समुद्री क्षेत्र में गश्त कर रहे थे।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उसी दिन अंकारा में नाटो समिट में चेतावनी देने के बाद आया कि अमेरिकी सेना शायद ईरान पर फिर से हमला करेगी।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, "मैं एक छोटी सी चेतावनी देता हूं, हम आज रात उन पर जोरदार हमला करेंगे।" उन्होंने कहा कि ईरान के साथ पूरी तरह से लड़ाई की उम्मीद नहीं है।

शिखर सम्मेलन में ट्रंप के बयान के बाद ईरान के प्रेस टीवी ने एक जानकार सूत्र के हवाले से दावा किया कि यदि अमेरिका ने कोई नया हमला किया, तो ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर देगा और दोगुने लक्ष्यों पर जवाबी हमला करेगा।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है, जब मंगलवार रात से बुधवार तक अमेरिका और ईरान के बीच एक-दूसरे पर नए हमले हुए, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया।

इस बीच, बुधवार रात ईरान के दक्षिणी होर्मोजगन प्रांत में कई धमाके सुने गए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसकी सेना ने लगातार दूसरे दिन ईरान पर हमले किए।

ईरानी मीडिया ने बताया कि धमाके बंदर अब्बास, केशम, सिरिक काउंटी और ईरानी आइलैंड अबू मूसा में सुने गए।

सरकारी आईआरआईबी न्यूज एजेंसी ने बताया कि दक्षिण-पूर्वी चाबहार काउंटी में भी तीन धमाके सुने गए, जिससे बंदर अब्बास में कुल आठ धमाके हो गए, जहां एयर डिफेंस सक्रिय हो गया है।


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