क्रीमिया में बड़ा विमान हादसा: एएन-26 क्रैश, 29 की मौत
बुधवार सुबह रूस के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि क्रीमिया में रूसी सेना का एक एएन-26 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 6 चालक दल के सदस्य और 23 यात्रियों की मौत हो गई

रूसी सेना का परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त, कोई जीवित नहीं बचा
- तकनीकी खराबी बनी वजह, चट्टान से टकराया एएन-26
- रूस में फिर सैन्य विमान हादसा, दिसंबर 2025 की त्रासदी याद आई
- वैश्विक ऊर्जा मार्गों के बीच रूस की सैन्य विमानन को बड़ा झटका
मॉस्को। बुधवार सुबह रूस के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की कि क्रीमिया में रूसी सेना का एक एएन-26 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 6 चालक दल के सदस्य और 23 यात्रियों की मौत हो गई।
समाचार एजेंसी तास के अनुसार, विमान एक चट्टान से टकरा गया था। सिन्हुआ न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा मंत्रालय ने बताया कि मंगलवार देर रात यह विमान क्रीमिया प्रायद्वीप के ऊपर एक निर्धारित उड़ान पर था, तभी उससे संपर्क टूट गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे की वजह तकनीकी खराबी थी और विमान पर किसी तरह का हमला नहीं हुआ था।
मंत्रालय ने कहा, “31 मार्च को शाम करीब 6 बजे (मॉस्को समय) क्रीमिया क्षेत्र के ऊपर उड़ान के दौरान एएन-26 विमान से संपर्क टूट गया था।”
बाद में खोज और बचाव दल ने दुर्घटनास्थल का पता लगा लिया। वहां से मिली रिपोर्टों के अनुसार, विमान में सवार चालक दल के छह सदस्य और 23 यात्री मारे गए हैं।
रिपोर्ट में यह नहीं बताया गया कि कुल कितने लोग विमान में सवार थे, लेकिन किसी के भी बचने की सूचना नहीं दी गई। एएन-26 एक हल्का सैन्य परिवहन विमान है, जो कई दशकों से इस्तेमाल में है और कम व मध्यम दूरी पर सामान के साथ करीब 40 यात्रियों को ले जा सकता है।
इससे पहले दिसंबर 2025 में भी रूस में एक बड़ा सैन्य विमान हादसा हुआ था। 9 दिसंबर को, मॉस्को के पूर्व में स्थित इवानोवो क्षेत्र के इवानकोवो गांव के पास एक परीक्षण उड़ान के दौरान एक एंटोनोव एएन-22 दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। विमान मरम्मत कार्य के बाद उड़ान पर निकला था, जिससे यह संकेत मिलता है कि घटना के समय वह मरम्मत के बाद के परीक्षण से गुजर रहा था।
इस हादसे में भी कोई जीवित नहीं बचा। हालांकि शुरू में विमान में सवार लोगों की संख्या नहीं बताई गई थी, लेकिन उसमें चालक दल के 7 सदस्य थे और सभी की मौत हो गई। यह घटना रूसी सैन्य विमानन के लिए एक बड़ी क्षति थी।


