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फेडरल जज का बड़ा झटका – ट्रंप सरकार का गोपनीय डेटाबेस ब्लॉक

अमेरिका के एक फेडरल जज ने ट्रंप सरकार के उस डेटाबेस को रद्द कर दिया जिसमें अमेरिकी नागरिकों की गुप्त जानकारी थी

फेडरल जज का बड़ा झटका – ट्रंप सरकार का गोपनीय डेटाबेस ब्लॉक
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गोपनीयता अधिकार पर कोर्ट सख्त – वोटर लिस्ट से हटाने की साजिश नाकाम

  • लाखों अमेरिकियों की निजी जानकारी सुरक्षित – गैर-कानूनी डेटाबेस खत्म करने का आदेश
  • ट्रंप का एग्जीक्यूटिव ऑर्डर विवादों में – चुनावी बदलावों पर उठे सवाल
  • लीग ऑफ वूमेन वोटर्स की जीत – अदालत ने याचिका के पक्ष में सुनाया फैसला

नई दिल्ली। अमेरिका के एक फेडरल जज ने ट्रंप सरकार के उस डेटाबेस को रद्द कर दिया जिसमें अमेरिकी नागरिकों की गुप्त जानकारी थी। जज ने इसे गैर-कानूनी बताया, क्योंकि कई राज्यों ने इसका इस्तेमाल योग्य नागरिकों को वोटर लिस्ट से हटाने के लिए किया था।

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, अमेरिका की एक संघीय अदालत के जज स्पार्कल सूकनानन ने एक फैसले में लिखा, "फेडरल सरकार ने जानबूझकर अमेरिकी नागरिकों के गोपनीयता के अधिकारों का इस तरह से उल्लंघन किया है जिससे वोट देने जैसे महत्वपूर्ण अधिकार को खतरा है। जब ऐसा हो रहा हो तो यह कोर्ट चुपचाप खड़ी नहीं रह सकती।"

सूकनानन ने कहा कि फेडरल एजेंसियां संघीय चुनाव प्रणाली में बदलाव लाने वाले एक कार्यकारी आदेश का पालन करने की जल्दबाजी में थीं। इसी वजह से उन्होंने अव्यवस्थित तरीके से लाखों अमेरिकियों की निजी जानकारी को एकत्रित और पुनः उपयोग किया, जिसमें नागरिकता संबंधी वह डेटा भी शामिल था, जिसके अविश्वसनीय होने की जानकारी उन्हें पहले से थी।

उन्होंने आगे कहा, "तब से, राज्यों ने डेटाबेस को एक्सेस करने के लिए फेडरल सरकार के साथ साझेदारी की है और गलत जानकारी के आधार पर अमेरिका के नागरिकों को वोटर लिस्ट से हटा रहे हैं।"

अमेरिकी जिला जज के अनुसार, "यह मामला दो बुनियादी अधिकारों को दिखाता है जो अमेरिकियों को सरकारी दखल से बचाते हैं: गोपनीयता का अधिकार और वोट देने का अधिकार।"

ताजा फैसला सितंबर में दायर उस मुकदमे के जवाब में आया, जिसे मतदान अधिकार और गोपनीयता की वकालत करने वाले कई संगठनों के गठबंधन ने दायर किया था। इस गठबंधन का नेतृत्व ‘लीग ऑफ वूमेन वोटर्स’ कर रहा था। याचिका में ‘सिस्टेमैटिक एलियन वेरिफिकेशन फॉर एंटाइटलमेंट्स’ (एसएवीई) प्रणाली में किए गए बदलावों को चुनौती दी गई थी। यह प्रणाली अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) द्वारा संचालित की जाती है और नागरिकता तथा आव्रजन स्थिति की पुष्टि करने के लिए इस्तेमाल होती है।

मार्च 2025 में, राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी चुनावों में बड़े बदलाव के लिए एक बड़े एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत फेडरल चुनावों में वोट देने के लिए रजिस्टर करने के लिए नागरिकता का डॉक्यूमेंट्री प्रूफ देना जरूरी होगा। उनका दावा था कि अमेरिका ने फेडरल चुनाव की जरूरतों को ठीक से लागू नहीं किया है।

फैसले के अनुसार, एग्जीक्यूटिव ऑर्डर 14248 ने डीएचएस और सामाजिक सुरक्षा प्रशासन समेत कुछ फेडरल एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे राज्य और स्थानीय अधिकारियों के लिए रजिस्टर्ड वोटर्स या वोट देने के लिए रजिस्टर करने वाले लोगों की नागरिकता या इमिग्रेशन स्टेटस को वेरिफाई करने के लिए सिस्टम बनाएं।

सोमवार को एक बयान में, लीग ऑफ वूमेन वोटर्स ने कहा कि "ट्रंप-वैंस सरकार की चुनावों में गैर-कानूनी दखल देने की कोशिश आज नाकाम हो गई, क्योंकि एक फेडरल जज ने सरकार को एक बड़े सरकारी डेटाबेस को खत्म करने और सुलझाने का आदेश दिया।"

बयान में कहा गया है, "यह डेटाबेस लाखों अमेरिकियों की संवेदनशील और कानूनी तौर पर सुरक्षित व्यक्तिगत जानकारी को एक साथ रखता है, जिससे वे बेबुनियाद जांच के शिकार हो सकते हैं और वोटर लिस्ट से गैर-कानूनी तरीके से हटाए जा सकते हैं।"


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