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पीओके में जेएएसी का आंदोलन जारी, 23 जुलाई को बड़े प्रदर्शन का ऐलान

संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्वैच्छिक बंद और चक्का जाम जारी रहेगा। समिति ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग धरना-प्रदर्शनों में शामिल हैं और आंदोलन लगातार जारी है

पीओके में जेएएसी का आंदोलन जारी, 23 जुलाई को बड़े प्रदर्शन का ऐलान
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इस्लामाबाद। संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) ने सोमवार को कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में स्वैच्छिक बंद और चक्का जाम जारी रहेगा। समिति ने बताया कि बड़ी संख्या में लोग धरना-प्रदर्शनों में शामिल हैं और आंदोलन लगातार जारी है।

जेएएसी ने 'एक्स' पर लिखा, "हम अपनी मांगों को लागू करने की मांग करते हैं। धैर्य, समझदारी, एकता और आपसी सहयोग के साथ हम अपनी लड़ाई में जरूर सफल होंगे। बातचीत के दौरान हमारी बुनियादी मांगों पर किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।"

कमेटी ने लोगों से 23 जुलाई को बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की भी अपील की और कहा कि यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है।

जेएएसी की ओर से सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने लिखा, "मीरपुर और मुजफ्फराबाद डिवीजनों के लोगों से अपील है कि 23 जुलाई बहुत महत्वपूर्ण दिन है। अपने घरों से निकलें और बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शन में शामिल हों। अपने शहीदों की आत्मा की शांति और आंदोलन की सफलता के लिए दुआ करें। पुंछ डिवीजन के लोग भी अपने नजदीकी धरना स्थलों पर पहुंचकर विरोध कार्यक्रमों में हिस्सा लें। 23 जुलाई बहुत महत्वपूर्ण दिन है और इसी दिन एक अहम घोषणा की जाएगी।"

पिछले हफ्ते जेएएसी ने अपने प्रस्तावित लंबे मार्च को 21 जुलाई तक के लिए रोक दिया था। संगठन ने कहा था कि वह पाकिस्तान सरकार को अपनी मांगें पूरी करने का 'आखिरी मौका' दे रहा है। अब तक पीओके में जारी अशांति में 30 से ज्‍यादा लोगों की जान जा चुकी है।

14 जुलाई की तय समय-सीमा खत्म होने के बाद जेएएसी ने मुजफ्फराबाद की ओर लंबे मार्च के लिए हजारों समर्थकों को जुटाया था। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हुए। इलाके के अलग-अलग हिस्सों से लोगों के काफिले रावलकोट और दूसरे प्रदर्शन स्थलों पर पहुंचे।

हालांकि बाद में पाकिस्तान के अधिकारियों और जेएएसी नेताओं के बीच बातचीत हुई, जिनमें उमर नजीर कश्मीरी भी शामिल थे। खबरों के मुताबिक, इस प्रक्रिया में पाकिस्तान के सेना प्रमुख असीम मुनीर भी शामिल थे। इसके बाद लंबे मार्च को फिलहाल रोक दिया गया।

संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर उसकी मांगों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो इस हफ्ते मुजफ्फराबाद की ओर लंबा मार्च फिर से शुरू किया जाएगा। साथ ही, पीओके के अलग-अलग इलाकों में चल रहे धरने भी जारी रहेंगे।


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