Top
Begin typing your search above and press return to search.

अमेरिका की निगरानी में इजरायल-लेबनान समझौता, बनेंगे विशेष 'पायलट जोन'

मध्य पूर्व में स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने बताया कि इजरायल और लेबनान, अमेरिका की निगरानी में पायलट जोन बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं

अमेरिका की निगरानी में इजरायल-लेबनान समझौता, बनेंगे विशेष पायलट जोन
X

नई द‍िल्‍ली। मध्य पूर्व में स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने बताया कि इजरायल और लेबनान, अमेरिका की निगरानी में पायलट जोन बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं।

इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में कहा, ''इजरायल और लेबनान, अमेरिका की देखरेख में पायलट जोन बनाने की प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इन जोन में लेबनान की सेना का पूरा नियंत्रण होगा और किसी भी गैर-सरकारी गुट का वहां कोई दखल नहीं होगा।''

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के प्रवक्ता के कार्यालय की र‍िपोर्ट के अनुसार, जून माह की शुरुआत में अमेरिका ने इजरायल और लेबनान के प्रतिनिधियों के बीच चौथी उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की। इस दौरान अमेरिका की अगुवाई में हुई बातचीत के परिणामस्वरूप, इजरायल और लेबनान ने युद्धविराम (सीजफायर) लागू करने पर सहमति जताई। यह युद्धविराम इस शर्त पर आधारित है कि हिज्‍बुल्लाह पूरी तरह से गोलीबारी बंद करे और उसके सभी लड़ाके दक्षिण लितानी क्षेत्र से हट जाएं।

अमेरिका के मार्गदर्शन में दोनों पक्षों ने ऐसे पायलट जोन जल्दी बनाने पर सहमति दी, जहां लेबनानी सशस्त्र बल का क्षेत्र पर पूरी तरह नियंत्रण होगा और किसी भी गैर-राज्य सशस्त्र समूह की मौजूदगी नहीं होगी। इन कदमों से व्यापक शांति और सुरक्षा समझौते की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।

सभी देशों ने दोहराया कि इजरायल और लेबनान के रिश्तों का भविष्य केवल दोनों संप्रभु सरकारों की ओर से तय किया जाना चाहिए। उन्होंने किसी भी देश या गैर-राज्य समूह की ओर से लेबनान के भविष्य को बंधक बनाने की किसी भी कोशिश को खारिज किया।

इजरायल और लेबनान ने फिर से कहा कि उनका एक-दूसरे के प्रति कोई शत्रुतापूर्ण इरादा नहीं है। दोनों ने भरोसा बढ़ाने, बाकी बचे मुद्दों को सुलझाने और दोनों देशों के बीच एक व्यापक समझौते की दिशा में सीधे बातचीत जारी रखने का वादा किया।

यूएस डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट के प्रवक्ता का कार्यालय के अनुसार, प्रतिनिधिमंडलों ने एक सुरक्षा ढांचे पर भी चर्चा की, जो 29 मई को पेंटागन में हुई बातचीत पर आधारित है। इसका उद्देश्य लेबनान और इजरायल की संप्रभुता, सुरक्षा और क्षेत्रीय अखंडता को लंबे समय तक सुनिश्चित करना है। इसमें गैर-राज्य सशस्त्र समूहों को खत्म करना और उनके दोबारा उभरने को रोकना भी शामिल है।

सभी पक्षों ने क्षेत्र के देशों पर ईरान के हमलों और मध्य पूर्व में अस्थिरता फैलाने वाली उसकी गतिविधियों की निंदा की। इसमें उसके प्रॉक्सी समूहों को समर्थन देना और अन्य आक्रामक कार्रवाइयां भी शामिल हैं।

अमेरिका ने दोनों सरकारों की संप्रभुता के समर्थन के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उसने कहा कि संघर्ष रोकने से जुड़ा कोई भी समझौता सीधे दोनों सरकारों के बीच होना चाहिए, जिसकी मध्यस्थता अमेरिका करे और इसके लिए कोई अलग बातचीत का रास्ता नहीं होना चाहिए।

अमेरिका ने यह भी कहा कि वह लेबनानी सशस्त्र बलों का समर्थन जारी रखेगा, ताकि उनकी क्षमता बढ़े और वे पूरे लेबनान में प्रभावी रूप से सरकारी नियंत्रण स्थापित कर सकें। अमेरिका ने दो जून को विदेश मंत्री रुबियो के उस बयान को भी दोहराया, जिसमें उन्होंने कहा था कि हिज्‍बुल्लाह सिर्फ इजरायल और अमेरिका का ही नहीं, बल्कि लेबनान का भी दुश्मन है।

इजरायल ने कहा कि उसकी सुरक्षा और उसकी क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान तभी सुनिश्चित हो सकता है, जब हिज्‍बुल्लाह को पूरी तरह निरस्त्र किया जाए और पूरे लेबनान में उसके ढांचे को खत्म किया जाए। उसने यह भी कहा कि अमेरिका के नेतृत्व में सीधे संवाद ही सभी लंबित मुद्दों को सुलझाने और स्थायी शांति और सुरक्षा हासिल करने का रास्ता है।

लेबनान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सीमाओं के पारस्परिक सम्मान, संघर्ष विराम के पूर्ण पालन, क्षेत्रीय अखंडता और पूर्ण राष्ट्रीय संप्रभुता की आवश्यकता पर ज़ोर दिया। लेबनान ने अमेरिका के सहयोग से अपने सशस्त्र बलों की क्षमता बढ़ाने का संकल्प लिया ताकि वे पूरे देश में प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर सकें।

दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि वे 22 जून वाले सप्ताह में राजनीतिक और सुरक्षा वार्ताओं को फिर से शुरू करेंगे, ताकि एक व्यापक समझौते तक पहुंचा जा सके। अमेरिका ने तब तक दोनों पक्षों के बीच संवाद और संपर्क बनाए रखने में मदद जारी रखने पर सहमति दी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it