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ईरान की सख्त चेतावनी, अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग करने वाले ठिकाने होंगे निशाने पर

ईरान के ख‍िलाफ युद्ध में अमेर‍िका की मदद में शाम‍िल होने वाले देशों को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी

ईरान की सख्त चेतावनी, अमेरिकी सैन्य अभियानों में सहयोग करने वाले ठिकाने होंगे निशाने पर
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नई द‍िल्‍ली। ईरान के ख‍िलाफ युद्ध में अमेर‍िका की मदद में शाम‍िल होने वाले देशों को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने चेतावनी दी। आईआरजीसी ने इजरायली शासन और ब्रिटेन को स्‍पष्‍ट रूप से कहा क‍ि अगर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई में मदद की तो इसके गंभीर नतीजे हो सकते हैं।

ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स न्यूज' की र‍िपोर्ट के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल होसैन मोहेबी ने चेतावनी दी कि अगर ब्रिटेन अमेरिकी बी-1 बमवर्षक विमानों के अभियानों में लगातार सहयोग करता रहा तो उसके सैन्य ठिकाने वैध निशाने माने जा सकते हैं।

होसैन मोहेबी ने कहा, “हाल ही में अमेरिकी बी-1 बमवर्षकों ने ब्रिटिश सैन्य अड्डों से अभियान चलाए। अगर वे इसी तरह सहयोग जारी रखते हैं, तो उन्हें हमारे निश्चित और वैध लक्ष्य माना जाएगा। हमने हर स्थिति के लिए एक खास योजना तैयार कर रखी है।”

फार्स न्यूज ने ब्लूमबर्ग की बुधवार की रिपोर्ट के हवाले से बताया क‍ि ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों के लिए कुछ ब्रिटिश ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इस समझौते के तहत अमेरिकी सेनाएं हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे और इंग्लैंड के आरएएफ फेयरफोर्ड अड्डे का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हमलों में सहायता के लिए कर सकती हैं।

फार्स न्यूज के अनुसार, तेहरान ने अमेरिका को ईरान के खिलाफ सैन्य हमलों के लिए ब्रिटिश ठिकानों और सुविधाओं के इस्तेमाल की अनुमति देने के फैसले की निंदा की है। ईरान ने इसे संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है।

फार्स न्यूज के अनुसार, मोहेबी ने कहा कि इजरायल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को प्रभावित करके और भ्रामक जानकारी देकर अमेरिका को क्षेत्र में सक्रिय बनाए रखना चाहता है। उनके अनुसार, इजरायल 'अमेरिकी ताकत का इस्तेमाल अपने लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिए कर रहा है।'

उन्होंने कहा क‍ि इजरायल जानता है कि अगर वह दोबारा युद्ध में लौटता है और हम अपना पूरा ध्यान उस पर केंद्रित करते हैं, तो हम उसके साथ क्या कर सकते हैं।


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