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ईरान को मिली सख़्त डेडलाइन: आज रात तक समझौते का मौका

ईरान के पास अमेर‍िका से समझौते के ल‍िए रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम, यानी भारत में बुधवार की सुबह 5:30 बजे तक) का समय है

ईरान को मिली सख़्त डेडलाइन: आज रात तक समझौते का मौका
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व्हाइट हाउस का बड़ा बयान: आगे क्या होगा, सिर्फ़ राष्ट्रपति जानते हैं

  • ट्रंप की चेतावनी: “आज रात एक सभ्यता खत्म हो सकती है”
  • तनाव चरम पर, अमेरिका ने दी गंभीर नतीजों की चेतावनी
  • ईरान-अमेरिका टकराव: दुनिया के इतिहास का अहम पल आज रात

वॉशिंगटन। ईरान के पास अमेर‍िका से समझौते के ल‍िए रात 8 बजे (ईस्टर्न टाइम, यानी भारत में बुधवार की सुबह 5:30 बजे तक) का समय है। यह सख्त डेडलाइन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बढ़ते तनाव के बीच तय की है। ये बात व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने मंगलवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से चर्चा करते हुए कही।

कैरोलिन लेविट ने कहा, “ईरानी सरकार के पास रात आठ बजे तक का समय है कि वह इस मौके को समझे और अमेरिका के साथ समझौता करे। अभी क्या स्थिति है और आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, यह सिर्फ राष्ट्रपति ही जानते हैं।”

उनकी यह बात ऐसे समय आई है जब डोनाल्ड ट्रंप ने सार्वजनिक तौर पर एक तरफ बड़े खतरे की चेतावनी दी है तो दूसरी तरफ ईरान के अंदर राजनीतिक बदलाव की संभावना भी जताई है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज रात एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है, जो कभी वापस नहीं आएगी। मैं ऐसा नहीं चाहता, लेकिन शायद ऐसा हो सकता है।”

उन्होंने यह भी कहा कि शायद अब एक बड़ा बदलाव आने वाला है, लेकिन अब जब पूरी तरह से सत्ता परिवर्तन हो चुका है, जहां ज्यादा समझदार और कम कट्टर सोच वाले लोग आगे आ सकते हैं तो शायद कुछ बहुत अच्छा और नया हो सकता है। कौन जानता है?”

ट्रंप ने इस पल को बहुत अहम बताया।

उन्होंने कहा, “आज रात हमें पता चल जाएगा, यह दुनिया के लंबे और जटिल इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण पलों में से एक हो सकता है।”

इससे पहले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा था कि अमेरिका का मकसद ईरान के व्यवहार में बदलाव लाना है, लेकिन अगर ईरान बातचीत करता है तो हालात को शांत करने का रास्ता अभी भी खुला है।

वहीं, विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दोहराया कि अमेरिका अपने हितों की रक्षा करने और अहम वैश्विक ऊर्जा मार्गों की सुरक्षा के लिए कड़ा कदम उठाने को तैयार है।

इन सभी बयानों से साफ है कि सरकार एक ही संदेश दे रही है, सख्त डेडलाइन, गंभीर नतीजों की चेतावनी, और ईरान की सरकार पर लगातार दबाव।

पिछले कुछ दिनों में अमेरिका की सैन्य कार्रवाई और बढ़ी हैं। ईरान से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में बड़े संघर्ष का खतरा बढ़ गया है।


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