Top
Begin typing your search above and press return to search.

होर्मुज स्ट्रेट में ईरान का हमला, भारत आ रहे जहाज को बनाया निशाना

ईरान ने होर्मुज स्‍ट्रेट में एक जहाज पर हमला किया, जो भारत के मुंद्रा बंदरगाह जा रहा था। यह हमला उस घोषणा के कुछ घंटों बाद हुआ, ज‍िसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनिश्चितकालीन सीजफायर की बात कही।

होर्मुज स्ट्रेट में ईरान का हमला, भारत आ रहे जहाज को बनाया निशाना
X

न्यूयॉर्क। ईरान ने बुधवार को होर्मुज स्‍ट्रेट में एक जहाज पर हमला किया, जो भारत के मुंद्रा बंदरगाह जा रहा था। यह हमला उस घोषणा के कुछ घंटों बाद हुआ, ज‍िसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अनिश्चितकालीन सीजफायर की बात कही।

सरकारी न्यूज चैनल 'प्रेस टीवी' के अनुसार, यह उन दो जहाजों में से एक था, जिन पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स नेवी (आईआरजीसी-एन) ने हमला करने और उन्हें अपने कब्जे में लेने की घोषणा की थी।

प्रेस टीवी ने बताया कि आईआरजीसी-एन के मुताबिक जिन जहाजों पर हमला हुआ, उनके नाम एमएससी फ्रांसेस्का और एपामिनोंडास हैं।

दो शिपिंग ट्रैकिंग वेबसाइट्स के अनुसार, लाइबेरिया के झंडे वाला एपामिनोंडास दुबई के जेबेल अली बंदरगाह से गुजरात के मुंद्रा जा रहा था। यह जहाज गुरुवार तक मुंद्रा पहुंचने वाला था।

एक अन्य वेबसाइट के अनुसार, यह जहाज ग्रीस की कंपनी कालमार मैरीटाइम एलएलसी का है।

इससे पहले शनिवार को भी ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो भारतीय जहाजों पर हमला किया था, जबकि उन्हें वहां से गुजरने की अनुमति मिली हुई थी। भारत ने इस पर ईरान के खिलाफ कड़ा विरोध जताया था।

आईआरजीसी-एन ने कहा कि इन जहाजों पर हमला इसलिए किया गया, क्योंकि वे “बिना अनुमति के काम कर रहे थे।”

ब्रिटेन की नौसेना से जुड़ी एक मॉनिटरिंग एजेंसी ने पुष्टि की कि आईआरजीसी की गनबोट्स ने दो जहाजों पर फायरिंग की। इनमें से एक जहाज को भारी नुकसान हुआ और वह आग बढ़ने लायक नहीं रहा, जबकि दूसरा भी नुकसानग्रस्त हुआ।

हालांकि, इस एजेंसी ने यह पुष्टि नहीं की कि ईरान ने जहाजों पर कब्जा किया है या नहीं। अमेरिकी सरकार या राष्ट्रपति ट्रंप की तरफ से इस घटना पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

हालांकि ट्रंप ने सीजफायर बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी नौसेना की ओर से ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहेगी।

ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण रखना चाहता है, क्योंकि दुनिया के करीब 20 प्रत‍िशत तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। यह हमला 19 अप्रैल को अमेरिका की ओर से एक ईरानी जहाज को पकड़ने के जवाब में भी बताया जा रहा है।

राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि अमेरिकी नौसेना ने उस जहाज के इंजन रूम को नुकसान पहुंचाया और मरीन सैनिक उसमें चढ़ गए थे। उन्होंने दावा किया कि उस जहाज में चीन से आया कोई “तोहफा” था, लेकिन चीन ने इस बात से इनकार किया है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it