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एआई, रिसर्च और व्यापार पर भारत-ब्रिटेन की चर्चा, 15 जुलाई से लागू होगा सीईटीए

भारत और ब्रिटेन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नई तकनीकों, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में मिलकर काम आगे बढ़ाने पर चर्चा की

एआई, रिसर्च और व्यापार पर भारत-ब्रिटेन की चर्चा, 15 जुलाई से लागू होगा सीईटीए
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लंदन। भारत और ब्रिटेन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), नई तकनीकों, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में मिलकर काम आगे बढ़ाने पर चर्चा की। दोनों देशों ने भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौते (सीईटीए) का इस्तेमाल करके नए अवसर पैदा करने, इनोवेशन को बढ़ावा देने और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने पर भी बात की।

यह चर्चा शुक्रवार को लंदन में भारत के उच्चायुक्त पी. कुमारन और ब्रिटेन के विज्ञान, नवाचार और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसआईटी) के स्थायी सचिव इमरान मियां के बीच हुई बैठक में हुई। भारतीय उच्चायोग ने इसकी जानकारी दी।

लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर लिखा, “उच्चायुक्त पी. कुमारन ने गुरुवार को डीएसआईटी के स्थायी सचिव इमरान मियां के साथ एक अच्छी और सकारात्मक बैठक की। इस दौरान भारत-ब्रिटेन के बीच एआई, नई तकनीक, रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने और भारत-ब्रिटेन कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट का इस्तेमाल करने पर भी बात की।”

बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की थी कि भारत-ब्रिटेन कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक एंड ट्रेड एग्रीमेंट (सीईटीए) 15 जुलाई 2026 से औपचारिक रूप से लागू होगा। उन्होंने इसे दोनों देशों के रिश्तों में एक 'ऐतिहासिक कदम' बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समझौता भारत और ब्रिटेन के बीच व्यापार और निवेश को काफी बढ़ावा देगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने 'एक्‍स' पर लिखा, “भारत-ब्रिटेन संबंधों के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। मुझे खुशी है कि भारत-ब्रिटेन व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता 15 जुलाई 2026 से लागू होगा। यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को काफी मजबूत करेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि इससे भारतीय किसानों, कामगारों, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स के लिए कई नए अवसर खुलेंगे और यह 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और वह खुद जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान इस बात से खुश हैं कि दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई गति मिल रही है।

चार जून को विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने नई दिल्ली में ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर से मुलाकात की थी। इस बैठक में दोनों नेताओं ने व्यापार, तकनीक, सप्लाई चेन, रक्षा, जलवायु, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों जैसे क्षेत्रों में चल रहे सहयोग की समीक्षा की। उन्होंने दुनिया के मौजूदा हालात पर भी चर्चा की।

बैठक के बाद एस. जयशंकर ने 'एक्‍स' पर लिखा, “भारत-ब्रिटेन साझेदारी अब साझा आर्थिक लक्ष्यों और हाईटेक विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। ब्रिटेन की विदेश मंत्री यवेट कूपर का भारत में स्वागत करके खुशी हुई। हमने व्यापार, तकनीक, सप्लाई चेन, रक्षा, जलवायु, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों में हो रही प्रगति की समीक्षा की। साथ ही स्वच्छ ऊर्जा, एआई और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में नए अवसरों पर भी चर्चा की।”

उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने यूक्रेन, पश्चिम एशिया और हिंद-प्रशांत क्षेत्र सहित दुनिया के कई मुद्दों पर विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि भारत-ब्रिटेन की व्यापक रणनीतिक साझेदारी ‘विजन 2035’ के तहत लगातार आगे बढ़ रही है।


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