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अपहरण के मामले से कैसे फंसे जर्मनी की खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख

डेनमार्क में दो जर्मन बच्चों का अपहरण हुआ. इसकी जांच के दौरान मिली एक हार्ड डिस्क ने जर्मनी में हड़कंप मचा दिया.

अपहरण के मामले से कैसे फंसे जर्मनी की खुफिया एजेंसी के पूर्व प्रमुख
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डेनमार्क में दो जर्मन बच्चों का अपहरण हुआ. मामले की जांच के दौरान एक छापा मारा गया. इस छापे में मिली हार्ड डिस्क ने जर्मनी में देशद्रोह के एक बड़े आरोप की शुरुआत कर दी.

जर्मनी की विदेशी खुफिया एजेंसी (बीएनडी) के पूर्व प्रमुख ऑगुस्ट हानिंग को राजद्रोह और जासूसी के आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. जर्मन संघीय अभियोजक कार्यालय का आरोप है कि उन्होंने गोपनीय सरकारी सूचनाएं एक विदेशी खुफिया सेवा तक पहुंचाई. अभी यह साफ नहीं है कि गोपनीय जानकारी किस देश के साथ साझा की गई.

80 साल के ऑगुस्ट हानिंग, 1998 से 2005 तक जर्मनी की विदेशी खुफिया एजेंसी, बीएनडी के प्रमुख रहे. अभियोजकों के मुताबिक उन पर देशद्रोही जासूसी, सरकारी रहस्यों का खुलासा, राजद्रोह की कोशिश और जासूसी से जुड़े अन्य गंभीर आरोप हैं. बुधवार को हानिंग को दक्षिणी जर्मनी के बाड टोएल्ज वोल्फ्राट्सहाउजन इलाके से गिरफ्तार किया गया. उनके पूर्व सहयोगी मानफ्रेड डी. को जर्मनी के पश्चिमी शहर श्टाइनफुर्ट से हिरासत में लिया गया है.

पूर्व सहकर्मी के साथ मिलकर जानकारी लीक करने के आरोप

मानफ्रेड पर देशद्रोही जासूसी में मदद करने का आरोप है. संघीय अभियोजक कार्यालय की प्रवक्ता इनेस पेटरसॉन ने जर्मन प्रसारक आरटीएल को बताया कि एक मामले में हानिंग पर आरोप है कि उन्होंने विदेशी खुफिया एजेंसी के कर्मचारी के लिए एनालिसिस तैयार करने में गोपनीय सूचनाएं इस्तेमाल की. दूसरे मामले में उन्होंने कथित तौर पर एक अन्य खुफिया सेवा के कर्मचारी के साथ संवेदनशील जानकारी साझा की.

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मंगलवार को दोनों आरोपियों के घरों व कार्यालयों की तलाशी भी ली गई. अभियोजकों के अनुसार मानफ्रेड, पहले हानिंग के चीफ ऑफ स्टाफ रहे. बाद में 2012 से 2026 तक मानफ्रेड ने बीएनडी के कई विभागों में प्रमुख के रूप में काम किया. इस दौरान मानफ्रेड की अत्यंत संवेदनशील सूचनाओं और दस्तावेजों तक पहुंच थी. जांचकर्ताओं का आरोप है कि 2010 में हानिंग और मानफ्रेड के बीच एक समझौता हुआ. इसके तहत मानफ्रेड पैसे के बदले बीएनडी की अहम खुफिया जानकारियां लगातार हानिंग तक पहुंचाते रहे.

अभियोजकों के अनुसार इन बरसों में मानफ्रेड ने हानिंग को करीब 2,000 दस्तावेज उपलब्ध कराए. इनमें से कई बेहद गोपनीय थे. कुछ तो बीएनडी के आंतरिक इस्तेमाल तथा खुफिया ब्रीफिंग के लिए ही थे. जांच में यह भी कहा गया है कि हानिंग ने इन जानकारियां का इस्तेमाल निजी कंसल्टेंसी में किया. मानफ्रेड जून 2022 तक हानिंग को गोपनीय जानकारियां उपलब्ध कराते रहे.

बच्चों के अपहरण के मामले से खुला राज

असल में हानिंग पहले से ही एक अलग मामले में जांच के घेरे में थे. मामला 2023 में हैम्बर्ग की कारोबारी क्रिस्टीना ब्लॉक और उनके पूर्व पति के बीच बच्चों की कस्टडी को लेकर चल रहे विवाद से जुड़ा था. जनवरी 2024 में डेनमार्क में नाबालिग बच्चों का अपहरण किया गया. अभियोजकों के मुताबिक, हानिंग और हैम्बर्ग राज्य आपराधिक पुलिस कार्यालय के एक रिटायर्ड अधिकारी पर आरोप हैं कि उन्होंने क्रिस्टीना ब्लॉक के साथ उनके बच्चों को कथित तौर पर अगवा करने का कॉन्ट्रैक्ट किया. उस समय दोनों एक निजी सुरक्षा कंपनी में वरिष्ठ पदों पर थे.

ब्लॉक परिवार जर्मनी में मशहूर है. उसकी पहचान देशभर में मौजूद स्टेकहाउस चेन, ब्लॉक हाउस से जुड़ी है. बच्चों की कस्टडी का यह मामला जर्मनी में काफी चर्चित रहा है. इस मामले की जांच के दौरान जब अधिकारियों ने हानिंग की घर और दफ्तर पर छापा मारा तो उन्हें एक इलेक्ट्रॉनिक स्टोरेज डिवाइस मिली. इस डिवाइस में बीएनडी के टॉप सीक्रेट डॉक्यूमेट थे. पुलिस ने यह दस्तावेज संघीय अभियोजन विभाग को सौंपे. और इसके बाद इस मामले की कड़ियां खुलती गईं.

विपक्ष ने की तेज जांच की मांग

जर्मनी की ग्रीन पार्टी के सांसद कॉन्स्टाटिन फोन नोत्स ने इन आरोपों पर हैरानी जताते हुए मामले की तेजी से जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि यह बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला है. फोन नोत्स जर्मन संसद की उस समिति के सदस्य भी हैं जो देश की खुफिया एजेंसियों की निगरानी करती है.

फोन नोत्स कई बरसों से पूर्व वरिष्ठ अधिकारियों की निजी लॉबिंग और परामर्श गतिविधियों पर सवाल उठाते रहे हैं. वह मांग करते रहे हैं कि जिन अधिकारियों के पास उच्च स्तर की सुरक्षा मंजूरी रही हो, उन्हें पद छोड़ने के बाद निजी परामर्श कार्य करने से रोका जाना चाहिए.

देश की सभी पार्टियों ने इस मामले को बेहद गंभीर बताया है. यह मामला जर्मनी की खुफिया व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील सवाल खड़े कर रहा है, क्योंकि पहली बार किसी पूर्व बीएनडी प्रमुख पर इस स्तर के जासूसी आरोप लगाए गए हैं.


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