ट्रंप की धमकियों के बाद ईरान की चेतावनी- 'होर्मुज स्ट्रेट बाहरी ताकतों के लिए सैन्य शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं है'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद पलटवार करते हुए ईरान ने कहा है कि हॉर्मुज स्ट्रेट बाहरी ताकतों के लिए सैन्य शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं है। ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने आगाह किया कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल सैन्य ताकत दिखाने के बजाय क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए।

तेहरान। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद पलटवार करते हुए ईरान ने कहा है कि हॉर्मुज स्ट्रेट बाहरी ताकतों के लिए सैन्य शक्ति प्रदर्शन का मंच नहीं है। ईरान के एक वरिष्ठ राजनयिक ने आगाह किया कि इस रणनीतिक समुद्री मार्ग का इस्तेमाल सैन्य ताकत दिखाने के बजाय क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षित नौवहन सुनिश्चित करने के लिए किया जाना चाहिए।
ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के डिप्टी विदेश मंत्री काजम गरीबाबादी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "ईरान, स्ट्रेट में सुरक्षा का जिम्मेदार अधिकारी और गारंटर होने के नाते, इस संवेदनशील समुद्री मार्ग में किसी भी सैन्य आंदोलन के खिलाफ चेतावनी देता है।"
न्यूज एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, गरीबाबादी ने कहा कि स्ट्रेट की सुरक्षा पूरी तरह से ईरान और ओमान की जिम्मेदारी है। उन्होंने ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के शुक्रवार को दिए गए संयुक्त बयान को खारिज कर दिया। बता दें, ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर इस्तीफा देने का ऐलान कर चुके हैं और अगले प्रधानमंत्री के चुने जाने तक वह पद पर बने रहेंगे।
अपने बयान में, स्टार्मर और मैक्रों ने इस समुद्री मार्ग को वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक जरूरी रूट बताते हुए कहा, "स्ट्रेट से सभी देशों के जहाजों के लिए सुरक्षित ट्रांजिट फिर से शुरू करना वैश्विक चिंता का विषय है।"
उन्होंने कहा कि ओमान ने ब्रिटेन और फ्रांस के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने पर सहमति जताई है कि उसके संप्रभु क्षेत्रीय जलक्षेत्र में नौवहन सुरक्षित रहे। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि ब्रिटेन और फ्रांस हॉर्मुज स्ट्रेट में नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए जरूरत पड़ने पर व्यापक बहुराष्ट्रीय सैन्य मिशन तैनात करने के लिए भी तैयार हैं।
इस बीच, ईरान की अर्धसरकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने ताजा मैरीटाइम ट्रैकिंग डेटा का हवाला देते हुए शनिवार को बताया कि ओमान के तट के साथ समुद्री रूट को पार करने की कोशिश कर रहे आठ जहाजों को वापस भेज दिया गया।
ब्लूमबर्ग ने उसी दिन अपनी रिपोर्ट में कहा कि कुछ जहाज मुसंदम प्रायद्वीप के उस सिरे तक पहुंच गए थे, जो इस रणनीतिक समुद्री संकरे मार्ग (चोकपॉइंट) में आगे तक निकलता है, लेकिन वहां पहुंचने के बाद उन्होंने अचानक दिशा बदल ली।
रिपोर्ट के अनुसार, एक कच्चा तेल टैंकर, दो पेट्रोलियम उत्पाद टैंकर और एक बल्क कैरियर ने बाद में ईरान के निर्देशानुसार उत्तर की ओर रुख किया और बाहर निकलने वाले समुद्री मार्ग का इस्तेमाल किया।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 28 फरवरी को ईरानी क्षेत्र पर इजरायल और अमेरिका के संयुक्त हमलों के बाद ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट पर अपनी निगरानी और नियंत्रण और कड़ा कर दिया। इसके तहत उसने इजरायल और अमेरिका से जुड़े या उनसे संबद्ध जहाजों के सुरक्षित आवागमन पर रोक लगा दी।


