Top
Begin typing your search above and press return to search.

अफगानिस्तान में भारी बारिश का कहर, बाढ़ और भूस्खलन से 17 की मौत, 26 घायल

अफगानिस्तान में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई

अफगानिस्तान में भारी बारिश का कहर, बाढ़ और भूस्खलन से 17 की मौत, 26 घायल
X

बाढ़ और भूस्खलन से तबाही, सैकड़ों घर क्षतिग्रस्त

  • सड़कें और खेती की जमीन बह गई, हालात बिगड़े
  • मौसम विभाग की चेतावनी – और बारिश का खतरा
  • आपदा प्रबंधन ने दी चेतावनी, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है

काबुल। अफगानिस्तान में पिछले 24 घंटों के दौरान बारिश से जुड़ी दुर्घटनाओं में कम से कम 17 लोगों की मौत हो गई। वहीं, 26 लोग घायल हो गए।

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण प्रवक्ता हाफिज मोहम्मद यूसुफ हम्माद के अनुसार, भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़, भूस्खलन और बिजली गिरने की घटनाएं हुईं। यह घटनाएं परवान, दायकुंडी, वारदक और लोगर प्रांतों समेत देश के कई हिस्सों में हुईं।

बाढ़ के कारण 147 घर क्षतिग्रस्त हो गए। 80 किलोमीटर सड़क बह गई और 582 एकड़ कृषि भूमि के साथ 31 जल नहरें और सिंचाई नेटवर्क भी प्रभावित हुए। उन्होंने बताया कि ये जानकारी प्रारंभिक है और स्थिति का आकलन अभी जारी है।

हम्माद ने चेतावनी दी कि जैसे-जैसे और जानकारी सामने आएगी, मृतकों की संख्या बढ़ सकती है।

अफगानिस्तान के मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और बारिश की संभावना जताई है, जिससे पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

इससे पहले 22 जनवरी को प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने बताया था कि भारी बर्फबारी और बारिश के कारण कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे।

प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, परवान, वारदक, दक्षिणी कंधार, उत्तरी जौज़जान, फरयाब और मध्य बामियान प्रांतों में खराब मौसम का असर पड़ा था।

तूफानों ने नौ घरों को आंशिक रूप से नष्ट कर दिया और 530 पशुओं की मौत हो गई, जिससे इन कृषि-आधारित क्षेत्रों में लोगों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा। बर्फ जमने से कई प्रमुख सड़कें बंद हो गईं, जिन्हें खोलने के लिए प्रशासन की ओर से तत्काल कार्रवाई की गई।

पिछले साल अक्टूबर में भी भारी बारिश और अचानक आई बाढ़ के कारण काबुल, लगमान और कापिसा प्रांतों में 721 परिवार प्रभावित हुए थे।

प्राधिकरण के प्रवक्ता मोहम्मद यूनुस हमाद ने बताया कि कई घर पूरी तरह या आंशिक रूप से नष्ट हो गए। एक हजार एकड़ से अधिक कृषि भूमि बह गई और फल उत्पादकों को भारी नुकसान हुआ। इसके अलावा कई किलोमीटर सड़कें क्षतिग्रस्त हुईं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it