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व्हाइट हाउस में डिप्लोमैटिक ड्रामा: ट्रंप से मिले जेलेंस्की और नेतन्याहू

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अलग-अलग बैठकें कीं

व्हाइट हाउस में डिप्लोमैटिक ड्रामा: ट्रंप से मिले जेलेंस्की और नेतन्याहू
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ईरान संकट पर टकराव: ट्रंप-नेतन्याहू बैठक में मतभेद उजागर

  • यूक्रेन युद्ध पर चर्चा: जेलेंस्की ने मांगी अमेरिकी मदद
  • गुप्त बैठकें ओवल ऑफिस में: मीडिया को रखा गया बाहर
  • शांति समझौते की उम्मीद: ट्रंप बोले- युद्ध खत्म कराने को प्रतिबद्ध

वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अलग-अलग बैठकें कीं। ये बातचीत ऐसे समय हुई जब अमेरिका दो युद्धों और उनसे जुड़े कठिन कूटनीतिक फैसलों का सामना कर रहा है।

दोनों बैठकें ओवल ऑफिस में बंद दरवाजों के पीछे हुईं। व्हाइट हाउस ने किसी भी बैठक में मीडिया को शामिल नहीं किया।

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने 'एक्स' पर लिखा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस में राष्ट्रपति जेलेंस्की और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ अपनी बैठकें पूरी कर ली हैं। दोनों बैठकें सकारात्मक और अच्छी रहीं।”

जेलेंस्की सुबह करीब 9:40 बजे व्हाइट हाउस पहुंचे और वेस्ट विंग के एक साइड एंट्रेंस से अंदर गए। रिपोर्टों के अनुसार, नेतन्याहू दोपहर करीब 12:25 बजे वहां से रवाना हुए।

बाद में इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय ने ट्रंप और नेतन्याहू की साथ में तस्वीरें जारी कीं। एक इजरायली अधिकारी ने बैठक को 'बहुत सकारात्मक' बताया।

व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत में ईरान के साथ युद्ध, लेबनान से जुड़ी बातचीत और अब्राहम समझौते को आगे बढ़ाने के प्रयासों पर चर्चा होने की उम्मीद थी।

नेतन्याहू से उम्मीद थी कि वे ट्रंप को ईरान की कथित गतिविधियों से जुड़ी खुफिया जानकारी देंगे। इसमें पिकैक्स माउंटेन नाम की एक भूमिगत जगह भी शामिल थी, जिसके बारे में माना जाता है कि उसका संबंध तेहरान के परमाणु कार्यक्रम से है।

हालांकि, ट्रंप इस बात से नाराज दिखे कि इजरायली नेता ने अपनी योजना के बारे में पहले ही सार्वजनिक रूप से बता दिया था।

ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, “मैंने सुना कि नेतन्याहू ने इसकी घोषणा कर दी। मैंने कहा, ‘आप मुझे ही क्यों नहीं बता देते? इसे पूरी दुनिया को बताने की क्या जरूरत थी?’”

अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया है कि वे ईरान के साथ दोबारा बातचीत के पक्ष में हैं, जबकि इजरायल ईरान पर लगातार दबाव बनाए रखने की बात करता रहा है। ट्रंप ने सोमवार को माना था कि दोनों देशों के बीच कुछ मतभेद हैं।

उन्होंने कहा था, “हमारे बीच थोड़ा अंतर है, लेकिन हम काफी करीब हैं।”

मंगलवार को ट्रंप ने फिर ईरान को चेतावनी दी कि अगर तेहरान किसी समझौते पर नहीं पहुंचता है, तो अमेरिका पुलों और बिजली संयंत्रों जैसे ठिकानों पर हमला कर सकता है।

जेलेंस्की की बैठक में मुख्य रूप से यूक्रेन के लिए अमेरिकी मदद और रूस के साथ शांति वार्ता दोबारा शुरू करने के प्रयासों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद जेलेंस्की ने कहा कि उन्होंने ट्रंप के साथ हवाई सुरक्षा प्रणालियों और नई कूटनीतिक कोशिशों पर बातचीत की।

जेलेंस्की वॉशिंगटन इस उम्मीद के साथ पहुंचे थे कि रूस पर प्रतिबंधों, ड्रोन समझौते, पैट्रियट हवाई रक्षा प्रणालियों और शांति वार्ता में प्रगति हो सकेगी। उनके अमेरिकी सांसदों से मिलने और पूरे सीनेट की एक बैठक को संबोधित करने की भी उम्मीद थी।

व्हाइट हाउस ने कहा कि ट्रंप अभी भी रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने पर ध्यान दे रहे हैं।

व्हाइट हाउस ने कहा, “राष्ट्रपति और उनकी टीम रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध खत्म कराने में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्हें अब भी उम्मीद है कि आखिरकार शांति समझौता हो जाएगा।”


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