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चीन-रूस की खुफिया गतिविधियों का केंद्र क्यूबा अमेरिका के लिए बढ़ता खतरा: मार्को रुबियो

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को 'विफल देश' और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता हुआ खतरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा में चीन और रूस की खुफिया गतिविधियां चल रही हैं और वह पूरे लैटिन अमेरिका में अमेरिका-विरोधी गतिविधियों को समर्थन देता है।

चीन-रूस की खुफिया गतिविधियों का केंद्र क्यूबा अमेरिका के लिए बढ़ता खतरा: मार्को रुबियो
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वॉशिंगटन। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा को 'विफल देश' और अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बढ़ता हुआ खतरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि क्यूबा में चीन और रूस की खुफिया गतिविधियां चल रही हैं और वह पूरे लैटिन अमेरिका में अमेरिका-विरोधी गतिविधियों को समर्थन देता है।

राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश विभाग और संबंधित कार्यक्रमों पर बनी हाउस एप्रोप्रियेशन्स सबकमेटी के सामने बोलते हुए रुबियो ने कहा कि क्यूबा की आर्थिक बदहाली और अमेरिका के विरोधी देशों के साथ उसके करीबी रिश्ते, पश्चिमी क्षेत्र में अमेरिकी हितों के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।

रुबियो ने कहा कि दशकों की खराब आर्थिक नीतियों और कुप्रबंधन की वजह से क्यूबा का आर्थिक मॉडल लगभग टूट चुका है। उनके मुताबिक, देश की अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा अब नागरिक संस्थाओं के बजाय सेना से जुड़े संगठनों के नियंत्रण में है।

उनके अनुसार, सेना की ओर से नियंत्रित संस्थाओं के पास काफी संपत्तियां होने के बावजूद क्यूबा लंबे समय से ईंधन और बिजली की भारी कमी का सामना कर रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि पिछले दो दशकों में बड़ी संख्या में लोग क्यूबा छोड़कर चले गए हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था कमजोर हुई है और कुशल लोगों की संख्या भी कम हो गई है।

रुबियो का कहना था कि चीन और रूस के साथ क्यूबा के रणनीतिक संबंध अमेरिका की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं।

उन्होंने कहा, "चीन और रूस क्यूबा से अमेरिका के दक्षिण-पूर्वी हिस्से को निशाना बनाकर खुफिया जानकारी जुटाने वाली सुविधाएं चलाते हैं।"

रुबियो ने कहा कि ऐसी गतिविधियों की रिपोर्टें कई बार सामने आ चुकी हैं। उन्होंने क्यूबा को खुफिया जानकारी इकट्ठा करने और क्षेत्र में राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला एक केंद्र बताया।

उनके अनुसार, क्यूबा का लंबे समय से ऐसे समूहों और आंदोलनों से संबंध रहा है जो लैटिन अमेरिका में अमेरिका-समर्थक सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश करते रहे हैं।

उन्होंने कहा, "अगर आप पश्चिमी गोलार्ध के देशों में यात्रा करेंगे, तो पाएंगे कि किसी भी ऐसे समूह या गतिविधि के पीछे, जिसका मकसद किसी अमेरिका-समर्थक सरकार पर दबाव बनाना या उसे गिराना हो, कहीं न कहीं क्यूबा का तत्व मौजूद होता है।"

रुबियो ने आरोप लगाया कि हवाना अभी भी क्षेत्र में काम कर रहे कई अंतरराष्ट्रीय समूहों से जुड़ा हुआ है और ये गतिविधियां लोकतांत्रिक संस्थाओं तथा क्षेत्रीय स्थिरता को कमजोर करती हैं।

हालांकि उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन क्यूबा की जनता को मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है, बशर्ते यह मदद सीधे लोगों तक पहुंचे और सरकारी संस्थाओं के जरिए न बांटी जाए।


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