Top
Begin typing your search above and press return to search.

वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण, क्या है ट्रंप का तीन फेज वाला प्लान

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए हैं

वेनेजुएला के तेल पर अमेरिका का पूरा नियंत्रण, क्या है ट्रंप का तीन फेज वाला प्लान
X

तेल से होने वाली आय अमेरिकी खातों में जमा होगी

  • विपक्षी नेताओं की रिहाई और बाज़ार पर अमेरिकी पकड़
  • विशेषज्ञ बोले - अभूतपूर्व स्थिति, वेनेजुएला ने खोया अपना क्रूड नियंत्रण

वॉशिंगटन/कराकस। वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अमेरिकी सेना द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद हालात पूरी तरह बदल गए हैं। मादुरो के खिलाफ फिलहाल अमेरिका में मुकदमा चल रहा है और इसी बीच वेनेजुएला की सरकार की कमान अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी हाथों में आ गई है। सबसे अहम बात यह है कि वेनेजुएला के कच्चे तेल के उत्पादन और बिक्री पर अब अमेरिका का पूरा नियंत्रण स्थापित हो गया है।

अमेरिकी ऊर्जा विभाग ने बुधवार को घोषणा की कि वेनेजुएला के तेल की मार्केटिंग शुरू कर दी गई है। विभाग ने साफ किया कि तेल से होने वाली आय अमेरिकी खातों में जमा होगी और खर्च का निर्णय वॉशिंगटन ही करेगा। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह नियंत्रण कितने समय तक जारी रहेगा।

तेल से अरबों डॉलर की उम्मीद

अमेरिका को वेनेजुएला से 30 से 50 मिलियन बैरल तेल मिलने की संभावना है। इसके साथ ही एक और शर्त भी जोड़ी गई है—वेनेजुएला को अपनी ज़रूरत का सामान केवल अमेरिका से ही खरीदना होगा। विश्लेषकों का कहना है कि चीन और भारत के साथ चल रहे टैरिफ युद्ध के बीच अमेरिका ने अपने लिए एक नया बाज़ार खोज लिया है।

ट्रंप प्रशासन का तीन चरणों वाला प्लान

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वेनेजुएला पर नियंत्रण को लेकर ट्रंप प्रशासन की तीन-फेज़ नीति का खुलासा किया।

  • पहला चरण: तेल से होने वाली आय को अमेरिकी निगरानी में रखा जाएगा ताकि भ्रष्टाचार से बचा जा सके।
  • दूसरा चरण: वेनेजुएला की जेलों में बंद विपक्षी नेताओं को रिहा किया जाएगा और देश के बाज़ार पर अमेरिकी नियंत्रण होगा।
  • तीसरा चरण: सत्ता का हस्तांतरण होगा, जिससे वेनेजुएला की राजनीतिक व्यवस्था पर भी अमेरिका का प्रभाव कायम रहेगा।

यूरेशिया ग्रुप से जुड़े विश्लेषक ग्रेगोरी ब्रू ने कहा कि यह स्थिति अभूतपूर्व है। “तेल उत्पादक देश अपने ही क्रूड पर नियंत्रण खो देगा। उत्पादन के बाद मार्केटिंग अमेरिका करेगा और मुनाफा भी उसी के पास जाएगा।”


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it