बांग्लादेश: खसरे से मरने वालों की संख्या 580 के पार, 24 घंटे में 8 बच्चों ने तोड़ा दम
खसरे के प्रकोप के कारण बांग्लादेश में मौतों की संख्या बढ़कर 583 हो गई है। पिछले 24 घंटों में (शुक्रवार से शनिवार सुबह 8 बजे तक) खसरे और इससे मिलते-जुलते लक्षणों के कारण आठ और बच्चों की मौत दर्ज की गई है।

ढाका। खसरे के प्रकोप के कारण बांग्लादेश में मौतों की संख्या बढ़कर 583 हो गई है। पिछले 24 घंटों में (शुक्रवार से शनिवार सुबह 8 बजे तक) खसरे और इससे मिलते-जुलते लक्षणों के कारण आठ और बच्चों की मौत दर्ज की गई है।
स्वास्थ्य महानिदेशालय (डीजीएचएस) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 1,033 नए संदिग्ध मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही 15 मार्च से अब तक कुल संदिग्ध मामलों की संख्या बढ़कर 69,612 हो गई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि संक्रमण को नियंत्रित करने और बच्चों की सुरक्षा के लिए निगरानी, टीकाकरण और उपचार संबंधी प्रयास तेज कर दिए गए हैं। वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
बांग्लादेशी मीडिया आउटलेट यूएनबी के अनुसार, ढाका डिवीजन में संदिग्ध मौतों की संख्या सबसे अधिक रही। यहां 3 बच्चों की मौत हुई।
रिपोर्ट्स बताती हैं कि खसरे के कारण 90 और इससे मिलते जुलते लक्षणों के कारण 493 बच्चों ने जान गंवाई है।
डीजीएचएस के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले (शनिवार सुबह 8 बजे तक) 24 घंटों में 1,033 नए संदिग्ध मामले सामने आए हैं, जिससे कुल संदिग्ध मामलों की संख्या 69,612 तक पहुंच गई है। इसी अवधि में खसरे के 53 नए मामले रिकॉर्ड हुए।
द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, बांग्लादेश में स्वास्थ्य संकट लगातार गहराता जा रहा है। खसरा के मामलों और मौतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जबकि सरकार की विशेष खसरा-रूबेला टीकाकरण मुहिम का शुरुआती चरण 20 मई को खत्म हो चुका है।
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस महीने लगभग हर दिन 1,000 से ज्यादा नए मामले सामने आए हैं। सिर्फ 9, 16 और 23 मई को छोड़ दें तो संक्रमण का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ईद की छुट्टियों से पहले ही चेतावनी दी थी कि इस दौरान जमावड़े, लंबी यात्राओं और रिश्तेदारों से मुलाकात के कारण संक्रमण और तेजी से फैल सकता है। उन्होंने छोटे बच्चों वाले परिवारों को अनावश्यक यात्रा और भीड़भाड़ से बचने की सलाह दी है।
पिछले महीने ही साइंस डॉट ओआरजी में एक रिपोर्ट छपी, जिसके मुताबिक 18 महीने रही मोहम्मद यूनुस सरकार के ढुलमुल रवैये ने स्थिति को बेकाबू कर दिया। 30 अप्रैल को ये रिपोर्ट छपी थी जिसे द डेली स्टार ने प्रकाशित किया। इसके अनुसार, खसरे ने महामारी का रूप इसलिए लिया क्योंकि, कथित तौर पर, अंतरिम सरकार ने यूनीसेफ के माध्यम से वैक्सीन खरीद रोक दी थी और उसकी जगह ओपन टेंडर प्रणाली अपनाने का फैसला ले लिया था।
इस कदम के बारे में पहले से चेतावनी दी गई थी कि इससे नियमित टीकाकरण बाधित हो सकता है और प्रकोप फैलने का खतरा बढ़ सकता है। आखिरकार हुआ भी ऐसा ही। हर गुजरते दिन के साथ मौत का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है।


