Top
Begin typing your search above and press return to search.

बलूचिस्तान में हथियारबंद हमलावरों ने उड़ाए बिजली के टावर, कई क्षेत्रों में बिजली संकट

डेरा मुराद जमाली के पास अज्ञात हथियारबंद लोगों ने उच पावर प्लांट से जुड़ी 220 केवी की दो हाई-वोल्टेज बिजली ट्रांसमिशन टावरों को विस्फोट कर उड़ा दिया। हमले में द अन्य टावरों को भी नुकसान पहुंचा।

बलूचिस्तान में हथियारबंद हमलावरों ने उड़ाए बिजली के टावर, कई क्षेत्रों में बिजली संकट
X

क्वेटा। डेरा मुराद जमाली के पास अज्ञात हथियारबंद लोगों ने उच पावर प्लांट से जुड़ी 220 केवी की दो हाई-वोल्टेज बिजली ट्रांसमिशन टावरों को विस्फोट कर उड़ा दिया। हमले में दो अन्य टावरों को भी नुकसान पहुंचा।

पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया क‍ि यह हमला सोमवार देर रात हुआ। इसके कारण क्वेटा, सिबी और बलूचिस्तान के कई अन्य इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। यह हमला नोटल पुलिस स्टेशन के इलाके में हुआ। उच पावर प्लांट से क्वेटा और सिबी तक बिजली पहुंचाने वाली छह ट्रांसमिशन टावरों पर विस्फोटक लगाए गए थे।

पुलिस ने बताया कि दो टावर पूरी तरह नष्ट हो गए, जबकि दो को नुकसान पहुंचा। बाकी दो टावरों पर लगाए गए विस्फोटक बम निरोधक दस्ते ने निष्क्रिय कर दिए।

पुलिस और फ्रंटियर कॉर्प्स के जवानों ने इलाके को घेर लिया। क्वेटा इलेक्ट्रिक सप्लाई कंपनी (क्यूईएससीओ) के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि उच पावर प्लांट से आने वाली 220 केवी ट्रांसमिशन लाइन बंद हो गई है, जिससे क्वेटा, सिबी और आसपास के कई इलाकों में बिजली प्रभावित हुई।

पिछले हफ्ते पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के जियारत जिले में एक पुलिस चौकी पर हथियारबंद हमलावरों ने हमला किया था, जिसमें दो स्टेशन हाउस ऑफिसर (एसएचओ) समेत कम से कम नौ पुलिसकर्मी मारे गए थे।

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, हमलावरों ने 6 जुलाई की रात पुलिस चौकी को निशाना बनाया था। कुछ समय तक पुलिस और हमलावरों के बीच गोलीबारी हुई, लेकिन हमलावर चौकी के अंदर घुसने में सफल रहे।

जियारत के डिप्टी कमिश्नर (डीसी) अब्दुल कुदूस अचकजई ने इस घटना में हुई मौतों की संख्या की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि पांच पुलिसकर्मियों का अभी तक पता नहीं चल पाया है और उन्हें ढूंढने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर भेजा गया है। उन्होंने कहा कि लापता पुलिसकर्मियों की तलाश के लिए अभियान चलाया जा रहा है।

यह घटना ऐसे समय हुई है जब पाकिस्तान में सुरक्षा बलों, खासकर बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा जैसे सीमावर्ती प्रांतों में पुलिस और अन्य कानून प्रवर्तन कर्मियों को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it