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मध्य पूर्व तनाव के बीच व्हाइट हाउस में ट्रंप और सनाए ताकाइची की मुलाकात, ईरान संकट और ऊर्जा व्यापार पर हुई बात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच व्हाइट हाउस में हुई बैठक ने वैश्विक राजनीति में एक अहम संदेश दिया

मध्य पूर्व तनाव के बीच व्हाइट हाउस में ट्रंप और सनाए ताकाइची की मुलाकात, ईरान संकट और ऊर्जा व्यापार पर हुई बात
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अमेरिका-जापान गठबंधन और मजबूत, ऊर्जा व रक्षा सहयोग पर बनी सहमति

  • ताकाइची का सख्त रुख: ईरान को परमाणु हथियार नहीं बनाने देंगे
  • मध्य पूर्व तनाव के बीच ट्रंप-ताकाइची ने दिखाया दोस्ताना अंदाज़
  • चेरी ब्लॉसम से रिश्तों में मिठास, व्यापार और सुरक्षा पर गहरी बातचीत

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची के बीच व्हाइट हाउस में हुई बैठक ने वैश्विक राजनीति में एक अहम संदेश दिया। मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच दोनों नेताओं ने न सिर्फ रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की, बल्कि अपने रिश्तों की गर्मजोशी भी दिखाई।

गुरुवार को ओवल ऑफिस से लेकर स्टेट डाइनिंग रूम तक पूरे दिन चली इस मुलाकात में औपचारिकता और रणनीतिक बातचीत का संतुलन देखने को मिला। राष्ट्रपति ट्रंप ने सनाए ताकाइची को बेहतरीन दोस्त और मजबूत साझेदार बताया और उनकी हालिया चुनावी जीत की तारीफ की। वहीं जापान के प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने भी ट्रंप का समर्थन करते हुए कहा कि दुनिया में शांति सिर्फ आप ही ला सकते हैं।

ओवल ऑफिस में शुरुआती बातचीत के बाद ईरान, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, चीन और अमेरिका के सहयोगियों की भूमिका जैसे विषयों पर बात हुई।

राष्ट्रपति ट्रंप ने जापान को अमेरिका का सबसे अहम सहयोगी बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच पिछले साल हुआ ऐतिहासिक व्यापार समझौता ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, जहाज निर्माण और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करेगा। उन्होंने जापान के रक्षा क्षेत्र में बढ़ते निवेश और अमेरिकी सैन्य उपकरणों की खरीद का भी स्वागत किया।

वहीं प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने इस दौरे को रणनीतिक और व्यक्तिगत दोनों स्तर पर महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय बहुत गंभीर सुरक्षा माहौल का सामना कर रही है और मध्य पूर्व के संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि वह वैश्विक ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए ठोस प्रस्ताव लेकर वाशिंगटन आई हैं।

ईरान के मुद्दे पर सनाए ताकाइची का रुख साफ और सख्त रहा। उन्होंने कहा, "ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने की अनुमति कभी नहीं दी जा सकती।" साथ ही उन्होंने क्षेत्र में हमलों और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के प्रभावी बंद होने की स्थिति की भी कड़ी निंदा की।

जापानी मीडिया से बातचीत में प्रधानमंत्री ताकाइची ने बताया कि दोनों देशों ने अमेरिका में ऊर्जा उत्पादन बढ़ाने पर सहमति जताई है। जापान, अमेरिका से खरीदे गए कच्चे तेल का संयुक्त भंडारण (स्टॉकपाइल) भी करना चाहता है। इसके अलावा महत्वपूर्ण खनिजों, समुद्री संसाधनों और मिनामितोरिशिमा के पास पाए जाने वाले रेयर अर्थ मड पर भी बातचीत आगे बढ़ी है।

सुरक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों ने सहयोग बढ़ाने का फैसला किया है। इसमें मिसाइलों का संयुक्त विकास और उत्पादन शामिल है। साथ ही चीन, उत्तर कोरिया और 'फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक' पर भी समन्वय बनाए रखने पर सहमति बनी।

व्हाइट हाउस डिनर के दौरान रिश्तों की गर्मजोशी साफ नजर आई। सनाए ताकाइची ने अमेरिका की 250वीं वर्षगांठ पर बधाई दी और 250 अतिरिक्त चेरी ब्लॉसम के पेड़ उपहार में देने की घोषणा की। उन्होंने ट्रंप के बेटे बैरोन ट्रंप को जन्मदिन की अग्रिम शुभकामनाएं देते हुए उनकी तारीफ भी की।

राष्ट्रपति ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री ताकाइची को 'शानदार महिला' बताते हुए कहा कि उनका स्वागत करना सम्मान की बात है।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ताकाइची ने पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे के प्रसिद्ध वाक्य को दोहराते हुए कहा, "जापान वापस आ गया है।"

अमेरिका-जापान गठबंधन लंबे समय से पूर्वी एशिया में सुरक्षा का मजबूत आधार रहा है। अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और रक्षा सहयोग इस रिश्ते को मजबूती देते हैं। हाल के वर्षों में यह साझेदारी व्यापार, तकनीक, ऊर्जा और सप्लाई चेन तक फैल गई है।


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