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पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के नेता की हत्या, मानवाधिकार संगठन ने न्याय और जवाबदेही की मांग की

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में अहमदिया मुस्लिम समुदाय के स्थानीय नेता मिर्जा सफदर महमूद की हत्या के बाद कराची स्थित इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कमेटी (आईएचआरसी) ने तत्काल न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है

पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के नेता की हत्या, मानवाधिकार संगठन ने न्याय और जवाबदेही की मांग की
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इस्लामाबाद। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में अहमदिया मुस्लिम समुदाय के स्थानीय नेता मिर्जा सफदर महमूद की हत्या के बाद कराची स्थित इंटरनेशनल ह्यूमन राइट्स कमेटी (आईएचआरसी) ने तत्काल न्याय और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। संगठन ने कहा कि यह घटना पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के खिलाफ लगातार बढ़ रही धार्मिक असहिष्णुता और नफरत का गंभीर उदाहरण है।

स्पेन के मीडिया आउटलेट अतालायर की रिपोर्ट के मुताबिक, 65 वर्षीय मिर्जा सफदर महमूद की मंडी बहाउद्दीन शहर में उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वह अहमदिया इबादतगाह की ओर जा रहे थे। आईएचआरसी अहमदिया मुस्लिम समुदाय के अधिकारों पर काम करने वाला संगठन है।

आईएचआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, “अहमदिया समुदाय के स्थानीय अधिकारी की पाकिस्तान में लक्षित हत्या की गई है। मिर्जा सफदर महमूद को मंडी बहाउद्दीन में गोली मार दी गई। हम तत्काल न्याय और जवाबदेही की मांग करते हैं।”

संगठन ने कहा कि महमूद की हत्या को अलग-थलग घटना के रूप में नहीं देखा जा सकता, क्योंकि यह पाकिस्तान में अहमदिया समुदाय के खिलाफ लंबे समय से जारी नफरत, भड़काऊ बयानबाजी और धमकियों की पृष्ठभूमि में हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार, अहमदिया समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि महमूद की किसी से कोई निजी दुश्मनी या विवाद नहीं था। इससे स्पष्ट होता है कि उनकी हत्या धार्मिक असहिष्णुता से प्रेरित एक लक्षित हमला थी। उनके परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। अंतिम संस्कार और दफन की रस्में बाद में रबवाह शहर में संपन्न हुईं।

रिपोर्ट में कहा गया कि मंडी बहाउद्दीन जिले में हाल के सप्ताहों में अहमदिया समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने और हिंसा के लिए उकसाने की घटनाएं बढ़ी हैं। क्षेत्र के कुछ धार्मिक नेताओं द्वारा सार्वजनिक रूप से धमकियां दी गईं, जिनमें अहमदिया समुदाय से जुड़े एक पुलिस अधिकारी को जान से मारने की धमकी और अहमदिया महिलाओं को भी निशाना बनाने की घटनाएं शामिल हैं।

रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि 8 जून 2024 को इसी जिले के सदुल्लाहपुर इलाके में अहमदिया समुदाय के दो सदस्यों की अलग-अलग सशस्त्र हमलों में हत्या कर दी गई थी।

आईएचआरसी ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र (यूएन) चार्टर और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संधियों के तहत पाकिस्तान की कानूनी जिम्मेदारी है कि वह सभी नागरिकों के जीवन, व्यक्तिगत सुरक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा करे।

संगठन ने पाकिस्तान की संघीय सरकार से मांग की है कि मिर्जा सफदर महमूद की हत्या की निष्पक्ष, त्वरित और व्यापक न्यायिक जांच कराई जाए, दोषियों और सांप्रदायिक नफरत फैलाने वालों को कानून के दायरे में लाया जाए तथा पंजाब प्रांत में भविष्य में ऐसे घृणा अपराधों को रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय किए जाएं।


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