Top
Begin typing your search above and press return to search.

3 नवंबर से पहले अमेरिकी राजनीति में धमाका, ओबामा और ट्रंप में आरपार

अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पांच दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है

3 नवंबर से पहले अमेरिकी राजनीति में धमाका, ओबामा और ट्रंप में आरपार
X

ओबामा ने खोला ट्रंप के खिलाफ मोर्चा, जवाब में बरसे राष्ट्रपति

  • ईरान युद्ध बना चुनावी मुद्दा, ओबामा के निशाने पर ट्रंप

वाशिंगटन। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पांच दिन पहले पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और मौजूदा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। ओबामा ने ईरान युद्ध, महंगाई और टैरिफ को लेकर ट्रंप प्रशासन पर निशाना साधा, जबकि ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती पर पलटवार करते हुए व्हाइट हाउस में कराए गए नवीनीकरण का बचाव किया। इस दौरान ट्रंप ने भारतीय-अमेरिकी विवेक रामास्वामी का भी समर्थन किया, जो ओहायो के गवर्नर पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

ओबामा ने बुधवार को जॉर्जिया के अटलांटा क्षेत्र में सीनेटर जॉन ओसॉफ और गवर्नर पद की उम्मीदवार कीशा लांस बॉटम्स के समर्थन में आयोजित रैली को संबोधित किया। उन्होंने ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप पर हमला बोलते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने एक ऐसे अनावश्यक युद्ध की शुरुआत की, जिसकी किसी ने मांग नहीं की और न ही इसके लिए किसी ने मतदान किया था।

ओबामा ने कहा, "यही वजह है कि तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। यही वजह है कि डीजल महंगा हो रहा है और लगभग हर चीज की कीमत बढ़ रही है।" उन्होंने आगे कहा, "सात महीने पहले किए गए वादों, बयानों और घोषणाओं के विपरीत यह युद्ध अभी खत्म नहीं हुआ है। यह अब भी जारी है। इसका मतलब है कि आपको जल्द किसी राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए।"

पूर्व राष्ट्रपति ने कनाडा के साथ ट्रंप के व्यापारिक टकराव का भी मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि ट्रंप जिस व्यापार युद्ध को आगे बढ़ा रहे हैं, उसमें अमेरिका का सामना किसी बड़े दुश्मन से नहीं, बल्कि कनाडा से है। ओबामा ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि कनाडा कोई ऐसा ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्वी नहीं है, बल्कि वह देश है जिसने अमेरिका को मेपल सिरप और अभिनेता मार्टिन शॉर्ट दिया है। उन्होंने कनाडाई लोगों को अमेरिका का मित्रवत पड़ोसी बताते हुए कहा कि अब वे अमेरिकी हॉकी मैचों के दौरान हूटिंग कर रहे हैं।

ओबामा ने व्हाइट हाउस में नवीनीकरण को लेकर ट्रंप पर अपनी पुरानी टिप्पणी भी दोहराई। उन्होंने कहा कि महंगाई से निपटने के बजाय उनकी एक टिप्पणी पर पूरी सरकारी मशीनरी सक्रिय कर दी गई। उन्होंने जॉर्जिया के मतदाताओं से शुक्रवार की समयसीमा से पहले ही मतदान करने की अपील की।

इसी दौरान ओहायो के चिलिकोथ में आयोजित रैली में ट्रंप ने सीनेटर जॉन हस्टेड और गवर्नर पद के उम्मीदवार विवेक रामास्वामी के लिए प्रचार किया। उन्होंने व्हाइट हाउस के नवीनीकरण को लेकर ओबामा की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि इसका खर्च उन्होंने खुद उठाया है। ट्रंप ने कहा, "मैंने इसका खर्च खुद उठाया। मैंने इसे ठीक कराया और अब यह पहले से अधिक सुंदर और बेहतर स्थिति में है।" उन्होंने ओबामा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें साफ-सफाई और टूटे हुए पत्थरों तथा फुटपाथों की मरम्मत की समझ नहीं है। ट्रंप ने ओबामा के चुनाव प्रचार अभियान पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि ओबामा हिलेरी क्लिंटन के साथ जुड़े और वह हार गईं। इसके बाद वह कमला हैरिस के साथ जुड़े और उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा।

ट्रंप ने 2015 में हुए ईरान परमाणु समझौते को भी निशाने पर लिया। उन्होंने इसे अपने जीवन में देखे गए सबसे मूर्खतापूर्ण समझौतों में से एक बताया। इसके अलावा, उन्होंने विवेक रामास्वामी के उस चुनावी विज्ञापन का बचाव किया, जिसमें उनकी डेमोक्रेटिक प्रतिद्वंद्वी एमी एक्टन की मां दिखाई गई हैं। ट्रंप के मुताबिक, विज्ञापन में एक्टन की मां ने अपनी बेटी को झूठा बताया था और प्रतिद्वंद्वी के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया था। हालांकि, एनबीसी4 की रिपोर्ट के अनुसार, विज्ञापन में एक्टन की मां ऐसा नहीं कहती हैं कि उनकी बेटी ने रामास्वामी के बारे में झूठ बोला।

इस बीच, राष्ट्रीय स्तर के चुनावी सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक पार्टी को बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। 19 और 20 अक्टूबर को किए गए एनपीआर/पीबीएस न्यूज-मारिस्ट सर्वेक्षण के अनुसार, प्रतिनिधि सभा के लिए संभावित मतदाताओं के बीच डेमोक्रेट्स को 52 प्रतिशत और रिपब्लिकन को 44 प्रतिशत समर्थन मिला। वहीं, 24 से 26 अक्टूबर के बीच किए गए हार्वर्ड कैप्स/हैरिस सर्वेक्षण में मतदाताओं के बीच डेमोक्रेट्स को 52 प्रतिशत और रिपब्लिकन को 48 प्रतिशत समर्थन मिलने का अनुमान जताया गया। इस सर्वेक्षण में ट्रंप की अप्रूवल रेटिंग 39 प्रतिशत रही।

3 नवंबर को होने वाले चुनाव में कई भारतीय-अमेरिकी उम्मीदवार भी अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। विवेक रामास्वामी के अलावा, अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के भारतीय-अमेरिकी सदस्य रो खन्ना, प्रमिला जयपाल, राजा कृष्णमूर्ति, अमी बेरा, श्री थानेदार और सुहास सुब्रमण्यम फिर से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अतिरिक्त, नित्या रमन लॉस एंजिलिस के मेयर पद के लिए मैदान में हैं, जबकि रिपब्लिकन पार्टी की उम्मीदवार सरिता कोमतिरड्डी न्यूयॉर्क के अटॉर्नी जनरल पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it